Corona Update: डब्ल्यूएचओ ने चेताया! नहीं संभले तो सर्दियों में बदतर होंगे कोरोना के हालात

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि आने वाले महीनों में कोविड संकट की स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक हो सकती है.
नयी दिल्ली: सर्दियों ने दस्तक दे दिया है. आने वाले दो ढाई महीने कोरोना महामारी के लिहाज से काफी गंभीर हैं. खास तौर पर दक्षिण पूर्व एशिया में कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि आने वाले महीनों में कोविड संकट की स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक हो सकती है. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस ने कहा कि आने वाले ढाई तीन महीने काफी गंभीर हैं.
महामारी दुनिया में काफी चिंताजनक
डब्ल्यूएचओ की एक प्रेस कांफ्रेंस में टेड्रोस अधोनम ने कहा कि दुनिया महामारी के चिंताजनक दौर में है. उन्होंने कहा कि उत्तरी हेम्पशॉयर कोरोना का वैश्विक हॉटस्पॉट बना हुआ है. आने वाले कुछ महीने काफी कठिन साबित होंगे. कुछ देशों की हालत काफी गंभीर है. टेड्रोस ने दुनिया के तमाम बड़े देशों से कहा कि वे सख्त एक्शन लें. बच्चों के स्वास्थ्य और जिंदगी की परवाह करते हुए स्कूलों को दोबारा बंद करें.
बढ़ रही है मृतकों-संक्रमितों की संख्या
डब्ल्यूएचो के डैशबोर्ड के मुताबिक दुनिया में शुक्रवार तक कोरोना संक्रमण से मरने वालों का वैश्विक आंकड़ा 11 लाख 34 हजार से ज्यादा हो चुका है. संक्रमण का आंकड़ा 4 करोड़ 15 लाख की संख्या को पार कर गया है. कई देशों में इस वैश्विक महामारी की दूसरी लहर का संकेत मिलने लगा है. जहां मामले आने कम हो गए थे वहां संक्रमण में एकाएक उछाल दिखने लगा है. सर्दियों में ये स्थिति और भी भयावह हो सकती है.
दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों को ज्यादा खतरा
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने भी चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा कि नए मामलों को देखते हुए देशों को किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता नहीं बरतनी चाहिए. उन्होंने दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस इलाके में कोरोना के ज्यादा मामले हैं.
आने वाली सर्दियों में स्थिति और भी विकट होगी. इसलिए, इस महामारी को रोकने के लिए सबको और बेहतर प्रयास करना होगा.
कारगर वैक्सीन ही अब एकमात्र उपाय
बढ़ते कोरोना संकट के बीच कोरोना की कोई कारगर वैक्सीन ही महामारी से लड़ने का एकमात्र तरीका है. इस समय दुनिया की कई कंपनियां ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन, मॉर्डना, जायडस कैडिला, सिनोवैक बायोटेक और भारत बायोटेक वैक्सीन निर्माण में लगे हैं. लेकिन, जब तक वैक्सीन नही आ जाती, सावधानी ही बचाव है.
Posted By- Suraj Thakur
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