Weather Forecast : बिहार,यूपी, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में आंधी और वज्रपात की संभावना, जानें अपने इलाके के मौसम का हाल
Weather Forecast LIVE Updates, 14 June 2021, Rain Alert, Monsoon 2021 Update : राष्ट्रीय राजधानी में रविवार (delhi weather,rain )को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि इस मौसम के औसत तापमान से चार डिग्री कम है. यहां एक दो दिन में मानसून की बारिश होने लगेगी. इधर मुंबई में भारी बारिश का खतरा अब टल चुका है. मानसून जल्द ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश (up rain,monsoon) में दस्तक देगा. आज से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी में बारिश गतिविधियां बढ़ने वाली है. इधर, झारखंड, बिहार समेत (bihar,Jharkhand weather) पूर्वी भारत और मध्य भारत व दक्षिण भारत के हिस्से में आज भी तेज बारिश जारी रहेगी. मौसम की खबर के लिए बनें रहें prabhatkhabar.com के साथ….
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार के अलावा पंजाब और हरियाणा 15 जून को आंधी और वज्रपात की संभावना
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि 15 जून को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार के अलावा पंजाब और हरियाणा में मध्यम से तेज आंधी के साथ-साथ लगातार बादल से जमीन पर बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की संभावना है. इससे बाहर रहनेवाले लोगों और जानवरों को नुकसान हो सकता है.
अगले पांच दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना : IMD
अगले तीन दिनों में उत्तर पश्चिमी भारत के अधिकतर हिस्सों में छिटपुट गरज और बिजली के साथ छिटपुट बारिश और उसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश को छोड़कर वर्षा गतिविधि में कमी आयी है, जहां काफी व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है. अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा और 15 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है.
अगले चार दिनों में कोंकण, गोवा, कर्नाटक, केरल और माहे में भारी बारिश की संभावना
अगले चार दिनों के दौरान कोंकण और गोवा, कर्नाटक और केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना है. 14 और 15 जून को कोंकण और गोवा और तटीय कर्नाटक में भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
पश्चिमी राजस्थान से उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी, पूर्व मध्य अरब सागर से दक्षिण कोंकण और दक्षिण महाराष्ट्र तट से उत्तरी केरल तट तक बनी ट्रफ रेखा
पश्चिमी राजस्थान से उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडल स्तर पर एक ट्रफ रेखा चलती है. दूसरी ट्रफ रेखा मध्य क्षोभमंडल स्तरों में पूर्व मध्य अरब सागर से दक्षिण कोंकण तक जाती है. साथ ही समुद्र तल पर एक अपतटीय ट्रफ रेखा दक्षिण महाराष्ट्र तट से उत्तरी केरल तट तक जाती है.
दक्षिण झारखंड और आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र, पश्चिम-उत्तर-पश्चिम बढ़ने की संभावना
निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण झारखंड और आसपास में स्थित है. इसमें संबंधित चक्रवाती परिसंचरण मध्य-क्षोभमंडल स्तर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है.
उत्तर-पश्चिम भारत के शेष भाग में मानसून की धीमी प्रगति की संभावना
मध्य-अक्षांश की पश्चिमी हवाओं के आने के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में मानसून की प्रगति धीमी होने की संभावना है.
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