Waqf Bill: वक्फ बिल पर बीजेपी और कांग्रेस ने कर ली अपनी-अपनी तैयारी, दिल्ली में INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक

Updated at :02 Apr 2025 12:28 AM
विज्ञापन
Waqf Amendment Bill
Waqf Amendment Bill

Waqf Bill: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बुधवार 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल को चर्चा और पारित करने के लिए पेश करने वाली है. इसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी-अपनी तैयारी कर ली है. दोनों पार्टियों ने अपने-अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और संसद में पूरी कार्यवाही के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है.

विज्ञापन

Waqf Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बुधवार को गरमा-गर्म बहस होने की संभावना जताई जा रही है. क्योंकि विपक्षी दल वक्फ विधेयक का पुरजोर विरोध कर रहे हैं. बीजेपी ने अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और साफ कर दिया है कि पूरी कार्यवाही के दौरान सभी की उपस्थिति अनिवार्य है. यही नहीं कांग्रेस ने भी अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है.

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बड़ी बैठक

वक्फ बिल संसद में पेश होने से एक दिन पहले इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने विधेयक पर रणनीति पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की. बैठक की अगुआई लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की.

कांग्रेस ने सभी सांसदों को तीन दिन तक सदन में उपस्थित रहने का दिया निर्देश

वक्फ संशोधन विधेयक लाए जाने से एक दिन पहले कांग्रेस ने मंगलवार को पार्टी के सभी लोकसभा सदस्यों को व्हिप जारी कर अगले तीन दिनों तक सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कांग्रेस ने तीन पंक्ति का व्हिप तब जारी किया, जब सरकार ने स्पष्ट किया कि विवादास्पद वक्फ (संशोधन) विधेयक बुधवार को चर्चा और पारित कराने के लिए लोकसभा में लाया जाएगा.

वक्फ संशोधन विधेयक पर 8 घंटे होगी चर्चा, विपक्ष ने किया विरोध

वक्फ संशोधन विधेयक का विपक्षी पार्टियों ने पुरजोर विरोध किया है. केंद्रीय अल्पसंख्यक और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संवाददाताओं कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में सदन की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस विधेयक पर आठ घंटे की चर्चा के लिए सहमति बनी जिसे सदन की भावना के अनुरूप और बढ़ाया जा सकता है. रीजीजू ने कहा कि कई दल चार से छह घंटे की चर्चा चाहते थे, वहीं विपक्षी दलों के सदस्य 12 घंटे की चर्चा कराने पर अड़े रहे. इंडिया गठबंधन के सदस्यों ने बैठक से वॉकआउट किया और सरकार पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया.

विपक्ष के विरोध का सरकार पर कितना पड़ेगा असर

वक्फ बिल का विपक्षी पार्टियों ने जमकर विरोध किया है. संसद में हंगामे के आसार हैं. हालांकि इस मुद्दे पर गतिरोध से कोई खास फर्क नहीं पड़ता दिख रहा क्योंकि लोकसभा में सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में संख्याबल है. लोकसभा में 542 सदस्यों में NDA के 293 सांसद हैं. जबकि बीजेपी कई मौकों पर कुछ निर्दलीय सदस्यों का समर्थन हासिल करने में सफल रही है.

सरकार हमारी आवाज दबा रही है : गोगोई

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को सुना नहीं जा रहा. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चर्चा के लिए और अधिक समय आवंटित करने की मांग कर रहे थे और चाहते थे कि सदन में मणिपुर की स्थिति और मतदाता पहचान पत्र से जुड़े विवाद जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो.

ओवैसी ने भी संसद में सरकार को घेरने की कर ली है तैयारी

विधेयक के मुखर विरोधी एआईएमआईएम सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वह सदन में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान बताएंगे कि यह किस तरह असंवैधानिक है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों पर नियंत्रण के मकसद से लाया गया है और जनता तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और जनता दल (यू) जैसे भाजपा के सहयोगी दलों को सबक सिखाएगी.

वक्फ बिल के खिलाफ क्यों हैं विपक्षी सांसद

विपक्षी दल विधेयक का कड़ा विरोध कर रहे हैं और इसे असंवैधानिक एवं मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बता रहे हैं. कुछ प्रमुख मुस्लिम संगठन विधेयक के खिलाफ एकजुट हैं. विधेयक में भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार का प्रावधान प्रस्तावित है.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola