India-china face off: क्या भारत और चीन के बीच होगा युद्ध ? डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान से बढ़ी टेंशन, देखें वीडियो

Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 21 Jun 2020 11:57 AM

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India-china faceoff: भारत ने पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी पर संप्रभुता को लेकर चीन के दावे को खारिज किया है. साथ ही पड़ोसी देश से स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘बढ़ा-चढा कर व झूठे’ दावे करने के उसके प्रयास स्वीकार्य नहीं हैं. इस मामले को लेकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (us president donald trump reacts on india china border faceoff) का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि वह इस कठिन परिस्थिति में भारत और चीन के साथ बातचीत में लगे हुए हैं.

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India-china faceoff: भारत ने पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी पर संप्रभुता को लेकर चीन के दावे को खारिज किया है. साथ ही पड़ोसी देश से स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘बढ़ा-चढा कर व झूठे’ दावे करने के उसके प्रयास स्वीकार्य नहीं हैं. इस मामले को लेकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (us president donald trump reacts on india china border faceoff) का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि वह इस कठिन परिस्थिति में भारत और चीन के साथ बातचीत में लगे हुए हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह बहुत मुश्किल वक्त है. हम दोनों देशों के साथ संपर्क में हैं और बात कर रहे हैं. भारत और चीन के बीच बड़ी समस्या पैदा हो गयी है. उनके बीच झड़प हो रही है. देखेंगे कि इस मामले को लेकर हम क्या कर सकते हैं. हमारा प्रयास होगा कि हम दोनों देशों की मदद करें. आपको बता दें कि इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि चीनी सेना भारतीय सीमा पर तनाव को ‘भड़काने’ का काम कर रही है.

गलवान पर चीन का दावा झूठा, भारत ने कहा- सभी निर्माण हमारी सीमा में

गौर हो कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि गलवान घाटी पर चीन का दावा अतीत की स्थिति के अनुरूप नहीं है. वैसे भी गलवान की स्थिति ऐतिहासिक रूप से स्पष्ट है. यह घाटी भारत का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि चीन द्वारा अतिक्रमण के किसी भी प्रयास का हमेशा हमारी ओर से उचित जवाब दिया गया है. सेना घाटी समेत भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के सभी सेक्टरों में एलएसी की स्थिति से पूरी तरह परिचित हैं. भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी)के पार किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की है. भारतीय सैनिक लंबे समय से इस इलाके में गश्त करते रहे हैं और कोई घटना नहीं हुई. हालांकि, मई के मध्य से भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी सेक्टर के अन्य इलाकों में चीन ने एलएसी के उल्लंघन करने के प्रयास किये.

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एलएसी की यथास्थिति से छेड़छाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा भारत

गलवान घाटी में हुए संघर्ष के संदर्भ में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा सर्वदलीय बैठक में की गयी टिप्पणियों की आलोचना को प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को ‘शरारतपूर्ण व्याख्या’ करार दिया. पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा था कि भारतीय क्षेत्र में कोई नहीं घुसा है और न ही किसी सैन्य चौकी पर कब्जा हुआ है. पीएमओ ने कहा कि पीएम मोदी की ये टिप्पणियां गलवान में 15 जून के घटनाक्रम पर केंद्रित थीं, जिसमें हमारे जवानों ने चीन के सैनिकों की नापाक इरादे को विफल कर दिया था. पीएमओ ने कहा कि पीएम मोदी ने यह कहा था कि एलएसी को स्थानांतरित करने के किसी भी प्रयास का भारत दृढ़ता से जवाब देगा. देश के लिए भारतीय सेना हर संभव कदम उठायेगी.

भारतीय सेना के समर्थन में चीनी मूल के लोग

इधर बंगाल की राजधानी कोलकाता में चीनी मूल के भारतीय नागरिकों ने तिरंगे के साथ लद्दाख में भारतीय जवानों की हत्या के विरोध में चीन के खिलाफ किया प्रदर्शन.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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