समान नागरिक संहिता पर एनडीए में फूट ? मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने कह दी ये बात
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 01 Jul 2023 2:08 PM
पूर्वोत्तर को एक अनूठी संस्कृति और समाज मिला है. यह समाज ऐसा ही रहना चाहता है. जानें समान नागरिक संहिता पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने जबसे समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी (Uniform Civil Code) का मुद्दा देश के सामने रखा है. इसपर लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है. मामले को लेकर न केवल विपक्षी दलों के बीच बल्कि भाजपा के सहयोगियों के बीच भी भ्रम की स्थिति नजर आ रही है. मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने इसे भारत के विचार के खिलाफ बता दिया है. नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) सुप्रीमो ने मामले को लेकर मीडिया से बात की और कहा कि विविधता भारत की ताकत है और उनकी पार्टी को लगता है कि यूसीसी अपने मौजूदा स्वरूप में इस विचार के खिलाफ जाएगी.
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने कहा कि पूर्वोत्तर को एक अनूठी संस्कृति और समाज मिला है. यह समाज ऐसा ही रहना चाहता है. हालांकि, एनपीपी प्रमुख ने कहा कि यूसीसी मसौदे की वास्तविक के बारे में कुछ जानें, किसी भी निर्णय तक पहुंचना जल्दबाजी होगी. यह देखते हुए कि मेघालय में मातृसत्तात्मक समाज है और पूर्वोत्तर में विभिन्न संस्कृतियां हैं, उन्होंने जोर देकर कहा कि इन्हें बदला नहीं जा सकता है.
उन्होंने कहा कि एनपीपी को लगता है कि यूसीसी भारत के एक विविध राष्ट्र होने के विचार के खिलाफ जाएगा, जिसमें विविधता हमारी ताकत और पहचान है. इधर, गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा है कि महिला सशक्तिकरण और लैंगिक गुणवत्ता के लिए समान नागरिक संहिता महत्वपूर्ण है. यूसीसी पर कई पार्टियां राजनीति कर रही हैं. इसका मतलब है कि वे महिलाओं का सशक्तिकरण और लैंगिक गुणवत्ता नहीं चाहते. यूसीसी जाति और धर्म पर आधारित नहीं है. इसे जल्द ही देश में लागू किया जाना चाहिए.
#WATCH | On Uniform Civil Code, Rajya Sabha MP Kapil Sibal, says "Firstly Prime Minister should inform the country what is the proposal for UCC and on what issues does he want uniformity. Until a proposal is put forward, there is no need for a debate (on UCC). Uttarakhkand's… pic.twitter.com/pmswIgEBkD
— ANI (@ANI) July 1, 2023
समान नागरिक संहिता पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश को बताना चाहिए कि यूसीसी के लिए क्या प्रस्ताव है और वह किन मुद्दों पर एकरूपता चाहते हैं. जब तक कोई प्रस्ताव सामने नहीं आता, तब तक बहस की जरूरत नहीं है.
#WATCH | On Uniform Civil Code, MoS MEA V Muraleedharan, says "Kerala CM is trying to divide the people on communal lines. He should desist from such moves, UCC is something that the Courts have been asking for and UCC is for the welfare of every citizen of the country. The… pic.twitter.com/Yl6cQe9VzI
— ANI (@ANI) July 1, 2023
समान नागरिक संहिता पर विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें ऐसे कदमों से बचना चाहिए, यूसीसी एक ऐसी चीज है जिसकी मांग अदालतें कर रही हैं और यूसीसी हर नागरिक के कल्याण के लिए है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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