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Sister Abhaya Murder Case : 28 साल बाद मिला इंसाफ, कैथोलिक पादरी और नन को उम्र कैद

Updated at : 23 Dec 2020 3:48 PM (IST)
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Sister Abhaya Murder Case : 28 साल बाद मिला इंसाफ, कैथोलिक पादरी और नन को उम्र कैद

Sister Abhaya Murder Case Latest News Update केरल (Kerala) में सीबीआई (CBI) के स्पेशल कोर्ट ने 1992 में हुई 19 वर्षीय सिस्टर अभया की हत्या के मामले में आरोपित कैथोलिक पादरी थॉमस कोट्टूर और सिस्टर सेफी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. इससे पहले कोर्ट ने मंगलवार को सिस्टर अभया की हत्या के मामले में कैथोलिक पादरी और नन को दोषी पाया था.

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Sister Abhaya Murder Case Latest News Update केरल (Kerala) में सीबीआई (CBI) के स्पेशल कोर्ट ने 1992 में हुई 19 वर्षीय सिस्टर अभया की हत्या के मामले में आरोपित कैथोलिक पादरी थॉमस कोट्टूर और सिस्टर सेफी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. इससे पहले कोर्ट ने मंगलवार को सिस्टर अभया की हत्या के मामले में कैथोलिक पादरी और नन को दोषी पाया था.

कोर्ट ने दोनों पर 5-5 लाख जुर्माना भी लगाया

सीबीआई के विशेष जज के सनल कुमार ने कैथोलिक चर्च के फादर थॉमस कोट्टूर और सिस्टर सेफी को सजा सुनाई और दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये जुर्माना भी लगाया. पादरी और नन को सबूतों से छेड़छाड़ करने के मामले में भी सात-सात साल की सजा सुनाई गयी है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

कोर्ट ने इन धाराओं के तहत दोनों को पाया था दोषी

इससे पहले मंगलवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट कहा था कि पदारी और नन के खिलाफ हत्या के आरोप साबित हुए हैं. कोर्ट ने दोनों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 302 हत्या एवं 201 सबूतों के साथ छेड़छाड़ करना के तहत दोषी पाया था.

कुएं से बरामद किया गया था सिस्टर अभया का शव

27 मार्च 1992 को केरल में कोट्टायम के सेंट पायस कॉन्वेंट में सिस्टर अभया के शव को कुएं से बरामद किया गया था. सिस्टर अभया की हत्या का आरोप कोट्टूर, पूथरुकायिल और सेफी पर लगा था. जानकारी के मुताबिक, जब सिस्टर अभया की हत्या की गयी तब उनकी उम्र केवल 19 साल ही थी.

अनैतिक गतिविधियों की गवाह थी अभया

अभियोजन के मुताबिक, सिस्टर अभया पर कुल्हाड़ी के हत्थे से हमला किया गया था. क्योंकि, वह कुछ अनैतिक गतिविधियों की गवाह थी जिसमें तीनों आरोपी शामिल थे.

बेटी को इंसाफ दिलाने के इंतजार में ही गुजर गये माता-पिता

सिस्टर अभया हत्या मामले को केरल पुलिस और क्राइम ब्रांच जांच के दौरान आत्महत्या करार दिया था. लेकिन, बाद में सीबीआई ने जांच में हत्या का मामला पाया. सिस्टर अभया के माता-पिता ने इस मामले में न्याय की लड़ाई लड़ी. सिस्टर अभया कॉन्वेंट में रहती थी और उनके माता-पिता की कुछ साल पहले मौत हो गयी थी. वे अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के इंतजार में ही गुजर गये.

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