उद्धव ठाकरे गुट की याचिका पर SC में टली सुनवाई, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को मिली थी चुनौती
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 12 Feb 2024 10:30 PM
उद्धव ठाकरे गुट का आरोप है कि एकनाथ शिंदे ने असंवैधानिक रूप से सत्ता पर कब्जा किया और वह महाराष्ट्र में असंवैधानिक सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने 10 जनवरी को पारित अपने आदेश में शिंदे सहित सत्तारूढ़ खेमे के 16 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की याचिका को भी खारिज कर दिया था.
असली शिवसेना मामले में उद्धव ठाकरे गुट को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने सोमवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को असली राजनीतिक दल घोषित करने के महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी. शिंदे के अलग होने के बाद जून 2022 में शिवसेना में विभाजन हो गया था.
उद्धव ठाकरे गुट की याचिका को सूचीबद्ध करेगा सुप्रीम कोर्ट
ठाकरे गुट की याचिका सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी लेकिन समय की कमी के कारण दिन में मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी. ठाकरे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ से कहा, एकनाथ शिंदे गुट को जवाब दाखिल करने दीजिए. पूर्व में नोटिस जारी किया गया था. चीफ जस्टिस ने कहा, हम इसे सूचीबद्ध करेंगे.
शिंदे गुट के वकील ने सुनवाई टलने की बचाई असली वजह
इस बीच, शिंदे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि चूंकि इस मुद्दे पर एक याचिका बंबई हाई कोर्ट में भी लंबित है, इसलिए दो अदालतों में एक साथ कार्यवाही नहीं चल सकती. इससे पहले, पांच फरवरी को चीफ जस्टिस के नेतृत्व वाली पीठ ने ठाकरे गुट की याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की थी.
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उद्धव ठाकरे ने शिंदे पर असंवैधानिक रूप से सत्ता पर कब्जा करने का लगाया आरोप
गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे गुट का आरोप है कि एकनाथ शिंदे ने असंवैधानिक रूप से सत्ता पर कब्जा किया और वह महाराष्ट्र में असंवैधानिक सरकार” का नेतृत्व कर रहे हैं. विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर ने 10 जनवरी को पारित अपने आदेश में शिंदे सहित सत्तारूढ़ खेमे के 16 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की ठाकरे गुट की याचिका को भी खारिज कर दिया था.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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