Sharad Pawar vs Ajit Pawar: चुनाव आयोग ने एनसीपी के दोनों गुटों को छह अक्टूबर को सुनवाई के लिए बुलाया

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 14 Sep 2023 11:09 PM

विज्ञापन

sharad pawar vs ajit pawar

जुलाई की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के लिए अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करने से दो दिन पहले, राकांपा नेता अजित पवार ने 30 जून को निर्वाचन आयोग का रुख किया था और पार्टी के नाम के साथ-साथ चुनाव चिह्न पर भी दावा किया था.

विज्ञापन

चुनाव आयोग ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रतिद्वंद्वी गुटों को छह अक्टूबर को सुनवाई के लिए बुलाया है. अजित पवार के नेतृत्व वाले एक गुट ने एनसीपी नेता शरद पवार के खिलाफ बगावत कर दी थी और पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा करते हुए निर्वाचन आयोग का रुख किया था.

एनसीपी के दोनों गुटों ने किया पार्टी पर दावा

एनसीपी के प्रत्येक गुट पार्टी होने का दावा कर रहा है, इसलिए इस मामले में चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश 1968 के पैरा 15 के तहत आयोग द्वारा निर्धारण की आवश्यकता है. ऐसे में आयोग ने दोनों समूहों को छह अक्टूबर को मामले में सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. नियमों का हवाला देते हुए बताया जा रहा है कि आयोग अब चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश के पैरा 15 के तहत सुनवाई शुरू करेगा.

चाचा शरद पवार से बगावत कर शिंदे सरकार में शामिल हुए अजित पवार

गौरतलब है कि जुलाई की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के लिए अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करने से दो दिन पहले, राकांपा नेता अजित पवार ने 30 जून को निर्वाचन आयोग का रुख किया था और पार्टी के नाम के साथ-साथ चुनाव चिह्न पर भी दावा किया था. बाद में अजित ने 40 विधायकों के समर्थन के साथ खुद को पार्टी अध्यक्ष भी घोषित कर दिया था.

Also Read: राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न दुश्मन…अजित पवार ने बीजेपी-शिवसेना में शामिल होने की बताई वजह

शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट ने निर्वाचन आयोग को बताया था पार्टी में कोई विवाद नहीं

हाल में, शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट ने निर्वाचन आयोग को बताया था कि पार्टी में कोई विवाद नहीं है, सिवाय इसके कि कुछ लोग अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए संगठन से अलग हो गए हैं. इसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाले बागी समूह का संदर्भ दिया गया.

अजित पवार ने शिंदे सरकार में शामिल होने को लेकर किया बड़ा खुलासा

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार 10 सितंबर को दावा किया कि था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के लगभग सभी विधायकों ने शरद पवार को पत्र लिखकर एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने का आग्रह किया था, जब उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली सरकार जाने वाली थी. ठाकरे की एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना वाली महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार एकनाथ शिंदे के बगावत करने पर पिछले साल जून में गिर गई थी. यह बगावत पिछले साल 21 जून से 30 जून तक चली थी, जब शिंदे भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे. शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के दौरान एनसीपी के कई विधायक गुजरात के सूरत, और वहां से असम ले जाये गए थे.

अजित पवार ने कहा था कि अगर उनका दावा गलत साबित हुआ तो राजनीति से सन्यास ले लेंगे

अजित पवार ने कोल्हापुर में एक रैली में कहा था, जब उद्धव ठाकरे की सरकार गिरने को थी, तब राकांपा के लगभग सभी विधायकों ने पार्टी प्रमुख (शरद पवार) को पत्र लिख कर उनसे (भाजपा का समर्थन कर) सरकार में शामिल होने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा था, यह (जो उन्होंने कहा है) गलत है तो मैं राजनीति से तुरंत सन्यास ले लूंगा. यदि मेरा दावा सही है तो झूठ फैलाने वालों को (राजनीति से) सन्यास लेना होगा.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola