यौन शोषण मामला: तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, 4 हफ्ते के अंदर करना होगा आत्मसमर्पण

Updated:
विज्ञापन

तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल, फोटो एक्स

बंबई हाई कोर्ट ने 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में समाचार पत्रिका 'तहलका' के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने गोवा की सत्र अदालत द्वारा पांच साल पहले (2021 में) तेजपाल को बरी करने के फैसले को भी रद्द कर दिया.

विज्ञापन

कोर्ट ने तेजपाल को आत्मसमर्पण करने के लिए पहले दो हफ्ते का समय दिया था, लेकिन बाद में उसके वकील के अनुरोध पर इस समय-सीमा को बढ़ाकर चार हफ्ते कर दिया गया है.

तेजपाल ने कहा, हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती

हाई कोर्ट की गोवा पीठ के जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसांडेकर की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, "हम निचली अदालत के बरी करने के आदेश को निरस्त करते हैं और प्रतिवादी को दोषी करार देते हैं." अदालत के इस फैसले के बाद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में 62 वर्षीय तरुण तेजपाल ने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे.


इन धाराओं के तहत ठहराया गया दोषी

अदालत ने तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(एफ) (संरक्षक या विश्वास की स्थिति में दुष्कर्म), धारा 354(ए) (यौन उत्पीड़न) और धारा 354(बी) (महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से आपराधिक बल प्रयोग) के तहत दोषी माना है.

अदालत में तेजपाल की नरमी की गुहार, सॉलिसिटर जनरल की सख्त रुख की मांग

सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद तेजपाल ने खुद को "राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार" बताया और दो बेटियों का पिता व वरिष्ठ नागरिक होने का हवाला देते हुए नरमी बरतने की अपील की.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अधिकतम सजा की मांग की थी

गोवा सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अधिकतम सजा की मांग की थी. उन्होंने कहा कि पीड़िता आरोपी की सहकर्मी होने के साथ-साथ उसकी बेटी की दोस्त भी थी. मेहता ने दलील दी कि 'नहीं का मतलब नहीं' होता है और समाज में ऐसा संदेश जाना जरूरी है जो अपराध की गंभीरता के अनुरूप हो. उन्होंने निचली अदालत की उस धारणा को भी खारिज किया कि यौन उत्पीड़न की शिकार महिला का व्यवहार किसी खास ढर्रे पर ही होना चाहिए.

क्या था पूरा मामला?

यह मामला नवंबर 2013 का है, जब गोवा में आयोजित 'थिंकफेस्ट' कार्यक्रम के दौरान एक 5-स्टार होटल की लिफ्ट में तेजपाल पर अपनी कनिष्ठ सहकर्मी के साथ यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म करने का आरोप लगा था. 2021 में सत्र अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ गोवा सरकार ने बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी.


विज्ञापन
अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola