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SCO की बैठक में आज मोदी, जिनपिंग और इमरान खान होंगे आमने-सामने, क्या LAC-LoC के तनाव पर होगी बात?

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और इमरान खान.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और इमरान खान.
फाइल फोटो.

SCO 3rd Meeting : भारत की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और नियंत्रण रेखा (LoC) पर उपजे तनाव के बीच मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की तीसरी बैठक (3rd meeting) होने जा रही है. रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की अध्यक्षता में होने जा रही इस बैठक में भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान आमने-सामने होंगे.

इस बीच, उम्मीद यह भी की जा रही है कि इस बैठक में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में एलएसी के सीमा विवाद और जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ और गोलीबारी के मुद्दे को उठाया जाएगा? पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद दोनों देशों में विवाद चरम पर है. इसके बाद भारत-चीन की कई दौर की विफल सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के बीच यह बैठक अहम मानी जा रही है.

विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्व ने इस वर्चुअल समिट के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।. श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री एससीओ के राष्ट्र प्रमुखों की परिषद के 20वें शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेत‍ृत्व करेंगे, जो 10 नवंबर को ऑनलाइन आयोजित होगा. बैठक की अध्यक्षता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन करेंगे.

गौरतलब है कि एससीओ में भारत, तजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान प्रमुख देश शामिल हैं. इसके अलावा, ईरान, अफगानिस्तान, बेलारूस, रूस, चीन, पाकिस्तान, कजाकस्तान, किर्गिजस्तान और मंगोलिया पर्यवेक्षक के रूप में संगठन से जुड़े हैं. वहीं, अर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्की डॉयलॉग पार्टनर के रूप में एससीओ के सदस्य हैं.

इस बैठक में सभी सदस्य देशों द्वारा सुरक्षा, आतंकरोधी कार्रवाई, आर्थिक, मानवीय सहयोग महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे. यहां अफगानिस्तान और मध्य-पूर्व की स्थिति पर बातचीत केंद्रित रहने की उम्मीद है. सदस्य देश शिक्षा, विज्ञान, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी बात करेंगे. इस दौरान 2021 को एससीओ देशों का सांस्कृतिक वर्ष घोषित किया जा सकता है.

Posted By : Vishwat Sen

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