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रक्षा मंत्रालय के 7000 कर्मचारियों को छोड़ना होगा ऑफिस, ब्रिटिश सेना के अस्तबल से आलीशान भवन में होंगे शिफ्ट

Updated at : 14 Sep 2021 11:10 PM (IST)
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रक्षा मंत्रालय के 7000 कर्मचारियों को छोड़ना होगा ऑफिस, ब्रिटिश सेना के अस्तबल से आलीशान भवन में होंगे शिफ्ट

Central Vista Revamp: रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी अब 13 एकड़ में फैले रक्षा मंत्रालय के नये कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हो जायेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी 16 सितंबर को इस कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करेंगे.

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नयी दिल्लीः दो दिन बाद भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का एड्रेस बदल जायेगा. रक्षा मंत्रालय के 7,000 से अधिक कर्मचारियों को अपना दशकों पुराना कार्यालय छोड़कर जाना होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (16 सितंबर) को इन्हें ब्रिटिश सरकार के अस्तबल से अपने आलीशान कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट करेंगे.

जी हां, भारत सरकार का रक्षा मंत्रालय इस वक्त नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के जिन झोपड़ीनुमा कार्यालयों में चल रहा था, उनमें से कुछ में करीब 75 वर्ष पहले ब्रिटिश सेना के घोड़ों को रखा जाता था. और अब जहां शिफ्ट होने जा रहा है, वह भारत सरकार की ओर से और रक्षा मंत्रालय के पैसे से बना आलीशान ऑफिस कॉम्प्लेक्स है.

रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी अब 13 एकड़ में फैले रक्षा मंत्रालय के नये कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट होंगे. पीएम नरेंद्र मोदी 16 सितंबर को इस कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करेंगे. बहुमंजिली इमारतों में चमचमाते आलीशान कार्यालयों का निर्माण किया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि पुराने कार्यालयों की तुलना में यहां तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी.

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रक्षा मंत्रालय का नया ऑफिस कॉम्प्लेक्स अफ्रीका एवेन्यू एवं कस्तूरबा गांधी मार्ग पर स्थित है. कस्तूरबा गांधी मार्ग पर तीन ब्लॉक हैं, जिसका ऑफिस एरिया करीब 4.52 लाख वर्ग फीट है. इसी तरह अफ्रीका एवेन्यू पर स्थित चार ब्लॉक में 5.08 लाख वर्ग फीट ऑफिस एरिया है. इसके निर्माण पर करीब 775 करोड़ रुपये रक्षा मंत्रालय ने खर्च किये हैं. दोनों कॉम्प्लेक्स में कुल 1,500 कार के पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध है.

एक अधिकारी ने कहा कि पहले झोपड़ीनुमा कई पुराने भवनों में रक्षा मंत्रालय फैला हुआ था. इसमें ए, बी, ई, जी, एच, जे, एल और एम ब्लॉक, प्लॉट नंबर 30 एवं प्लॉट नंबर 108 और जोधपुर हाउस शामिल हैं. अब जबकि मंत्रालय को नयी जगह पर शिफ्ट किया गया है, सभी चीजें आसपास में होंगी.

अधिकारी ने कहा कि इससे काम की एफिसिएंसी बढ़ जायेगी. नये कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक सुविधाएं हैं. बेहतर कनेक्टिविटी तो है ही, कैंटीन और बैंक की सुविधा भी कॉम्प्लेक्स में ही उपलब्ध होगी. अधिकारी ने जोर देकर कहा कि इन भवनों के निर्माण के लिए एक भी पेड़ काटने की जरूरत नहीं पड़ी.

ऐसा था पुराना रक्षा मंत्रालय

नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में रक्षा मंत्रालय के 27 विंग थे, जिसमें एक नेवी स्टेशन आईएनएस इंडिया, आर्म्ड फोर्सेज क्लिनिक और आर्म्ड फोर्सेज का एक मेडिकल विंग शामिल था. रक्षा मंत्रालय के यहां से शिफ्ट होने पर पीएम मोदी के महत्वाकांक्षी संसद भवन सेंट्रल विस्टा के लिए 50 एकड़ जमीन उपलब्ध हो जायेगी. रक्षा मंत्रालय यहां 9.2 लाख वर्ग फीट जमीन खाली करेगा और नयी जगह पर उसे 9.6 लाख वर्ग फीट जगह मिल जायेगी.

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हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सेंट्रल विस्टा के जिस प्लान को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है, उसमें कहा गया है कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक ऑफिस कॉम्प्लेक्स को नेशनल म्यूजियम में तब्दील कर दिया जायेगा, इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर को अन्यत्र शिफ्ट किया जायेगा और नेशनल आर्काइव्स की री-मॉडलिंग की जायेगी.

पीएम आवास का पता भी बदल जायेगा

प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के आवास भी बदल जायेंगे. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री का आवास साउथ ब्लॉक कॉम्प्लेक्स के पीछे चला जायेगा, जबकि उपराष्ट्रपति का प्रस्तावित आवास नॉर्थ ब्लॉक के पीछे शिफ्ट हो जायेगा.

Posted By: Mithilesh Jha

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