संसद चूक मामला: ललित झा ने क्या किया मोबाइल फोन का ? ये बड़ी बात आई सामने

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 15 Dec 2023 9:58 AM

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**EDS: GRAB VIA PTI VIDEO** New Delhi: Police personnel apprehend a man carrying a can emitting yellowish smoke while he was protesting outside the Parliament premises, during the Winter session, in New Delhi, Wednesday, Dec. 13, 2023. (PTI Photo)(PTI12_13_2023_000277B)

Parliament Security Breach: संसद सुरक्षा उल्लंघन साजिश मामले के मास्टरमाइंड ललित झा को दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन के सामने कथित तौर पर आत्मसमर्पण करने के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार, घटना का वीडियो बनाने के बाद ललित झा मौके से फरार हो गया था.

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Parliament Security Breach: संसद की सुरक्षा में चूक मामले को लेकर दिल्ली पुलिस मास्टरमाइंड की तलाश लगातार कर रही थी जिसमें उसे गुरुवार को सफलता मिली. जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार, संसद सुरक्षा उल्लंघन साजिश मामले के मास्टरमाइंड ललित मोहन झा को दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन के सामने कथित तौर पर आत्मसमर्पण करने के बाद गिरफ्तार कर लिया है. इस बीच सबके मन में सवाल आ रहा है कि आखिर घटना को अंजाम देने के बाद ललित झा कहां फरार हो गया था? इस संबंध में अंग्रेजी वेबसाइट indianexpress.com ने खबर प्रकाशित की है. खबर के अनुसार संसद सुरक्षा उल्लंघन के मामले में अपने चार सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद मास्टर माइंड ललित मोहन झा (32) ने पकड़े जाने से पहले गुरुवार सुबह कथित तौर पर मोबाइल फोन सहित सभी टेक्निकल एविडेंस को नष्ट कर दिया था. आपको बता दें कि बुधवार को, मामले के चार आरोपियों- मनोरंजन डी, सागर शर्मा, नीलम वर्मा और अमोल शिंदे ने संसद के अंदर और बाहर कलरफुल धुंआ छोड़ा. इसके बाद इन्हें घटनास्थल से पकड़ लिया गया जबकि मास्टर माइंड ललित झा भागने में सफल रहा.

ढाबे में रुका ललित झा

जो खबर प्रकाशित की गई है उसके अनुसार बुधवार की रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर कुचामन सिटी बस से पहुंचा. यहां उसने महेश से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि वह भी इस पूरी घटना का हिस्सा हो सकता था लेकिन उसकी मां ने उसे रोक लिया. महेश की मुलाकात ललित झा और अन्य सहयोगियों से सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर हुई थी. सूत्रों के हवाले से खबर प्रकाशित की गई है कि जांच से पता चला कि महेश, अपने चचेरे भाई कैलाश के साथ, ललित झा को लेकर एक ढाबे पर पहुंचा. यहां उसने मालिक से एक कमरे के लिए अनुरोध किया. ढाबा का जो मालिक है वह महेश को पहचानता था और उसने उन्हें एक कमरा दे दिया. गुरुवार सुबह ललित झा ने उनकी मदद से मोबाइल को नष्ट कर दिया. इसके बाद महेश और झा, कैलाश को यह कहकर चले गए कि वे संसद के सामने आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं.

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पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी

खबरों की मानें तो पुलिस कैलाश के मोबाइल नंबर का पता लगाने में कामयाब रही. गुरुवार दोपहर को उसे हिरासत में लिया गया. उसने पुलिस को बताया कि ललित झा और महेश ट्रेन से जयपुर के लिए रवाना हुए थे और दिल्ली के लिए बस पकड़ने वाले थे. इसके बाद पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी. इस बीच संसद के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये. गुरुवार शाम, पुलिस को इस बात की भनक हुई कि दोनों धौला कुआं के पास हैं…इसके कुछ समय बाद, वे आत्मसमर्पण करने के लिए कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन पहुंचे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ललित झा और महेश को स्पेशल सेल की काउंटर-इंटेलिजेंस यूनिट को सौंप दिया गया, जो घटना की जांच कर रही है. पुलिस (आरोपियों को) शरण देने और सबूत नष्ट करने के आरोप में महेश और कैलाश पर मामला दर्ज करने की योजना बना रही है. इसके लिए कानूनी राय मांगी गई है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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