NEET पेपर लीक: CBI चार्जशीट में खुलासा, पैसों के बदले प्रश्नपत्र, गारंटी में रखे गए सर्टिफिकेट और ब्लैंक चेक

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NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले सुरक्षाकर्मी और अधिकारी, फोटो- एएनआई

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट ने कथित नेटवर्क के काम करने का तरीका सामने रखा है. एजेंसी का दावा है कि परीक्षा से पहले पैसों के बदले प्रश्नपत्र दिए गए और भुगतान की गारंटी के लिए उम्मीदवारों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र और साइज किए हुए ब्लैंक चेक रखे गए थे.

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मामले की खास बातें

  • CBI ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है
  • यश यादव पर लीक प्रश्नपत्र आगे पहुंचाने और उम्मीदवारों से संपर्क करने का आरोप
  • 10वीं-12वीं के मूल सर्टिफिकेट और हस्ताक्षरित खाली चेक (Signed Blank Cheque) कथित तौर पर जमानत के रूप में लिए गए
  • मोबाइल फोन से चैट, कॉल रिकॉर्ड और PDF फाइलें मिलने का दावा
  • गुरुग्राम स्थित आवास से कथित लीक प्रश्नों के प्रिंटआउट बरामद होने की बात
  • CBI ने फोरेंसिक जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया

NEET UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कथित नेटवर्क और उसके काम करने के तरीके को लेकर कई अहम दावे किए हैं. एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को पैसों के बदले कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की कोशिश की गई. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि इस दौरान कुछ उम्मीदवारों के 10वीं और 12वीं के मूल शैक्षणिक दस्तावेज और हस्ताक्षर किया हुआ खाली चेक भी सुरक्षा के तौर पर रखवाया गया. राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत अब इस मामले में सीबीआई द्वारा 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने वाली है.

परीक्षा से पहले लीक प्रश्नपत्र देने का आरोप

सीबीआई के मुताबिक, NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी. एजेंसी का आरोप है कि परीक्षा से पहले यश यादव कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र को पैसे के बदले उम्मीदवारों तक पहुंचाने में शामिल था. चार्जशीट में दावा किया गया है कि यादव को कथित लीक सामग्री सह-आरोपी शुभम मधुकर खैरनार से मिली और इसके बाद उसने उम्मीदवारों तथा बिचौलियों से संपर्क किया. सीबीआई का कहना है कि फरीदाबाद, जम्मू और अन्य जगहों के कुछ उम्मीदवारों ने जांच के दौरान बताया कि उनसे परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की बात कही गई थी.

सर्टिफिकेट और ब्लैंक चेक जमानत के तौर पर लेने का दावा

चार्जशीट में एक गवाह के बयान का भी जिक्र किया गया है. सीबीआई के अनुसार, गवाह ने बताया कि यश यादव के निर्देश पर मंगिलाल बिवाल और दिनेश बिवाल से एक उम्मीदवार की 10वीं और 12वीं की मूल मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट और एक हस्ताक्षरित खाली चेक लिया गया था. एजेंसी का दावा है कि ये दस्तावेज बाद में जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज स्थित साबरमती छात्रावास में गवाह के कमरे से बरामद किए गए.

मोबाइल फोन से मिले चैट और कॉल रिकॉर्ड

  • सीबीआई ने यश यादव के जब्त मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों का भी जिक्र किया है. एजेंसी के मुताबिक- फोन में शुभम मधुकर खैरनार का नंबर कथित रूप से Shubham Maharashtra नाम से सेव था, जबकि एक दूसरा नंबर AP Broker के नाम से दर्ज था.
  • चार्जशीट के अनुसार, 28 और 29 अप्रैल 2026 को हुई कथित बातचीत में प्रश्नपत्र, शैक्षणिक दस्तावेजों को सुरक्षा के तौर पर रखने और सर्टिफिकेट की तस्वीरें भेजने जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी.

WhatsApp पर PDF फाइलें भेजे जाने का दावा

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 30 अप्रैल 2026 की एक व्हाट्सऐप चैट में कई PDF फाइलें शेयर की गई थीं. एजेंसी के मुताबिक, इन फाइलों में कथित तौर पर जीव विज्ञान के टाइप किए हुए सवाल और रसायन विज्ञान के हाथ से लिखे नोट्स मौजूद थे.

जांच एजेंसी का दावा है कि इन दस्तावेजों पर मिली लिखावट की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी CFSL से भी जांच कराई गई है.

गुरुग्राम के घर से प्रिंटआउट मिलने का दावा

सीबीआई के अनुसार, यश यादव के गुरुग्राम स्थित आवास से रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के कुछ प्रश्नों के प्रिंटआउट भी बरामद किए गए. एजेंसी का यह भी दावा है कि सरकारी दस्तावेज परीक्षक की जांच में इन दस्तावेजों को मामले से जुड़े दूसरे सबूतों से जोड़ने वाली जानकारी मिली.

शुभम खैरनार की भूमिका पर CBI ने क्या कहा?

  • सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में शुभम मधुकर खैरनार की भूमिका का भी विस्तार से जिक्र किया है. सीबीआई के मुताबिक, शुभम ने कथित रूप से धनंजय निवृत्ति लोखंडे से प्रश्न प्राप्त किए और नासिक में उनकी प्रिंटिंग तथा कॉपी कराने की व्यवस्था की.
  • एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इसके बाद उम्मीदवारों के रहने की व्यवस्था की गई और उन्हें जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा भौतिकी से जुड़ी कथित लीक सामग्री दी गई.
  • सीबीआई का यह भी दावा है कि बदले में उम्मीदवारों से पैसे और शैक्षणिक दस्तावेज लिए गए और सामग्री आगे यश यादव समेत अन्य लोगों तक पहुंचाई गई.

उम्मीदवारों और बिचौलियों से संपर्क में रहने का आरोप

जांच एजेंसी ने यश यादव के कॉल डिटेल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण किया है. सीबीआई का कहना है कि संबंधित अवधि में वह कई उम्मीदवारों और कथित बिचौलियों के संपर्क में था. मंगिलाल बिवाल के फोन से मिली कुछ ऑडियो फाइलों का भी चार्जशीट में जिक्र है. एजेंसी के अनुसार, इनमें कथित लीक प्रश्नपत्र के यश यादव के जरिए मिलने की संभावना पर बातचीत दर्ज है.

CBI ने क्या कहा?

चार्जशीट में सीबीआई ने दावा किया है कि जांच के दौरान मिले डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों से यह संकेत मिलता है कि यश यादव ने कथित रूप से लीक NEET UG 2026 प्रश्न प्राप्त किए, उन्हें अपने पास रखा और आगे उम्मीदवारों तक पहुंचाने की कोशिश की. एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि आर्थिक लाभ के लिए उम्मीदवारों से संपर्क किया गया और कुछ मामलों में मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र और खाली चेक सुरक्षा के तौर पर रखे गए. हालांकि, ये सभी आरोप सीबीआई की चार्जशीट में हैं. आरोपियों के खिलाफ दोष साबित होने का अंतिम फैसला कोर्ट में होगा.

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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