Watch Video : प्रदर्शनकारी या लुटेरे! मुर्शिदाबाद में लूट ली गई दुकानें, रातभर नहीं सो पाए लोग

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 12 Apr 2025 11:08 AM

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Murshidabad violence Updates

Watch Video : मुर्शिदाबाद के एक स्थानीय विक्रेता ने पूरे वाकया के बारे में बताया. उसने कहा कि दुकानों में रखी चीजें लूट ली गईं. हम डर के साए में रातभर रहे. हिंसा पर बीजेपी की प्रतिक्रिया आई है. बीजेपी ने कहा कि बंगाल की ममता सरकार इस अराजकता को रोकने में असमर्थ है या अनिच्छुक है.

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Watch Video : मुर्शिदाबाद के एक स्थानीय विक्रेता ने बताया, ” प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बाइक समेत कई चीजों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी. मेरे चाचा की दुकानों में तोड़फोड़ की गई. दुकानों में रखी चीजें भी लूट ली गईं. हम डर के मारे पूरी रात सो नहीं पाए. जब ​​यह सब हुआ तब पुलिस यहां नहीं थी. जब उन्होंने पुलिस स्टेशन पर हमला किया तो पुलिसकर्मी खुद भाग रहे थे.” देखें विक्रेता का वीडियो

मुर्शिदाबाद हिंसा पर बीजेपी का रिएक्शन

मुर्शिदाबाद हिंसा पर बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार इस अराजकता को रोकने में असमर्थ है या अनिच्छुक है. जिस तरह से राज्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया जा रहा है और वहां की सरकार कुछ नहीं कर रही है, यह चिंताजनक है. राज्य सरकार को हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करनी चाहिए. इससे मुख्यमंत्री के कामकाज पर सवाल उठता है. क्या राज्य सरकार चुपचाप देखकर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है? “

ट्रेनों पर पथराव किया गया

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून के विरोध में शुक्रवार को हिंसा भड़क उठी. प्रदर्शनकारियों ने जमकर बवाल काटा. निमटीटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों पर पथराव किया गया, जिससे कई ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ा. दो ट्रेनों को को रद्द करना पड़ा. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शमशेरगंज में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान तैनात किए गए.

सरकारी बसों में आग लगाई गई

सुती क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी बसों में आग लगा दी. नेशनल हाईवे–12 को अवरुद्ध कर दिया. पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही. कई वाहन क्षतिग्रस्त किए गए और कई पुलिसकर्मी घायल हुए. इससे पहले रघुनाथगंज के उमरपुर में दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई थी. भारतीय दंड संहिता की धारा 144 लागू होने के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहा.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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