MP: 800 वाहनों के काफिले के साथ कांग्रेस में शामिल हुए समंदर का विरोध, कभी कमलनाथ के लिये बने थे मुसीबत

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बीजेपी छोड़ कांग्रेस में वापसी करने वाले समंदर पटेल को अपनी पुरानी पार्टी में भारी विरोध का सामना करना पड़ा. नाराज कार्यकर्ताओं ने गद्दार की तख्तियां लेकर समंदर का विरोध किया. हालांकि पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल के समझाने के बाद कार्यकर्ता मानें.

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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के वफादार और मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की कार्यसमिति के सदस्य समंदर पटेल सत्तारूढ़ छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गये हैं. उनके इस फैसले से साल के आखिर में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है. उन्होंने कांग्रेस में वापसी करते ही बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है. हालांकि कांग्रेस ज्वाइन करने के साथ उन्हें अपनी पुरानी पार्टी में विरोध का भी सामना करना पड़ा है.

समंदर को लेकर कांग्रेस में विरोध

बीजेपी छोड़ कांग्रेस में वापसी करने वाले समंदर पटेल को अपनी पुरानी पार्टी में भारी विरोध का सामना करना पड़ा. नाराज कार्यकर्ताओं ने गद्दार की तख्तियां लेकर समंदर का विरोध किया. हालांकि पूर्व मंत्री क���लेश्वर पटेल के समझाने के बाद कार्यकर्ता मानें. कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कमलेश्वर ने कहा, थोड़ी बहुत नाराजगी चलती रहती है. हालांकि समंदर पटेल को टिकट दिये जाने की संभावना पर उन्होंने कहा, यह तो पार्टी तय करेगी.

2020 में सिंधिया के साथ बीजेपी में हुए शामिल

नीमच जिले के जावद क्षेत्र के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता समंदर पटेल (52) सिंधिया के साथ मार्च 2020 में भाजपा में शामिल हो गए थे. सिंधिया और उनके वफादार विधायकों ने कांग्रेस के खिलाफ बगावत कर दी थी जिससे तत्कालीन कमलनाथ सरकार गिर गई थी.

बीजेपी पर समंदर ने लगाया गंभीर आरोप

समंदर पटेल ने बीजेपी से इस्तीफा देने और कांग्रेस का हाथ थमने के बाद कहा, भाजपा ने न तो मुझे स्वीकार किया और न ही मेरे समर्थकों का सम्मान किया. कार्य समिति का सदस्य होने के बावजूद मुझे कभी भी पार्टी कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया गया. वास्तव में मेरे समर्थकों को झूठे मामलों में फंसाया गया. पटेल ने कहा, मैं कांग्रेस में लौटने वाला सिंधिया खेमे का पांचवां व्यक्ति हूं क्योंकि मुझे भाजपा में अपमानित महसूस हुआ है, जिसके नेता मेरे क्षेत्र में भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. उन्होंने दावा किया कि वह 1993 से माधवराव सिंधिया और उनके बेटे ज्योतिरादित्य के कट्टर समर्थक थे. उन्होंने दावा किया कि जब वह दोबारा कांग्रेस में शामिल हुए तो जावद से 7000 लोग उनके साथ थे.

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800 वाहनों के काफिले के साथ कांग्रेस में शामिल हुए समंदर

पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि समर्थकों से भरे लगभग 800 वाहनों के काफिले में पटेल आए और राज्य इकाई के प्रमुख कमल नाथ की उपस्थिति में शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हुये.

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कांग्रेस में समंदर का रहा है आना-जाना

समंदर पटेल ने 2018 के विधानसभा चुनावों में जावद से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा था और 35,000 वोट हासिल किए थे. इस पर उन्हें कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले वह फिर से कांग्रेस में शामिल किए गए. भाजपा से वापसी करने वाले सिंधिया के वफादारों में शिवपुरी जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव भी शामिल हैं.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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