MP: 800 वाहनों के काफिले के साथ कांग्रेस में शामिल हुए समंदर का विरोध, कभी कमलनाथ के लिये बने थे मुसीबत

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 20 Aug 2023 7:56 AM

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बीजेपी छोड़ कांग्रेस में वापसी करने वाले समंदर पटेल को अपनी पुरानी पार्टी में भारी विरोध का सामना करना पड़ा. नाराज कार्यकर्ताओं ने गद्दार की तख्तियां लेकर समंदर का विरोध किया. हालांकि पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल के समझाने के बाद कार्यकर्ता मानें.

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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के वफादार और मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की कार्यसमिति के सदस्य समंदर पटेल सत्तारूढ़ छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गये हैं. उनके इस फैसले से साल के आखिर में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है. उन्होंने कांग्रेस में वापसी करते ही बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है. हालांकि कांग्रेस ज्वाइन करने के साथ उन्हें अपनी पुरानी पार्टी में विरोध का भी सामना करना पड़ा है.

समंदर को लेकर कांग्रेस में विरोध

बीजेपी छोड़ कांग्रेस में वापसी करने वाले समंदर पटेल को अपनी पुरानी पार्टी में भारी विरोध का सामना करना पड़ा. नाराज कार्यकर्ताओं ने गद्दार की तख्तियां लेकर समंदर का विरोध किया. हालांकि पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल के समझाने के बाद कार्यकर्ता मानें. कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कमलेश्वर ने कहा, थोड़ी बहुत नाराजगी चलती रहती है. हालांकि समंदर पटेल को टिकट दिये जाने की संभावना पर उन्होंने कहा, यह तो पार्टी तय करेगी.

2020 में सिंधिया के साथ बीजेपी में हुए शामिल

नीमच जिले के जावद क्षेत्र के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता समंदर पटेल (52) सिंधिया के साथ मार्च 2020 में भाजपा में शामिल हो गए थे. सिंधिया और उनके वफादार विधायकों ने कांग्रेस के खिलाफ बगावत कर दी थी जिससे तत्कालीन कमलनाथ सरकार गिर गई थी.

बीजेपी पर समंदर ने लगाया गंभीर आरोप

समंदर पटेल ने बीजेपी से इस्तीफा देने और कांग्रेस का हाथ थमने के बाद कहा, भाजपा ने न तो मुझे स्वीकार किया और न ही मेरे समर्थकों का सम्मान किया. कार्य समिति का सदस्य होने के बावजूद मुझे कभी भी पार्टी कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया गया. वास्तव में मेरे समर्थकों को झूठे मामलों में फंसाया गया. पटेल ने कहा, मैं कांग्रेस में लौटने वाला सिंधिया खेमे का पांचवां व्यक्ति हूं क्योंकि मुझे भाजपा में अपमानित महसूस हुआ है, जिसके नेता मेरे क्षेत्र में भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. उन्होंने दावा किया कि वह 1993 से माधवराव सिंधिया और उनके बेटे ज्योतिरादित्य के कट्टर समर्थक थे. उन्होंने दावा किया कि जब वह दोबारा कांग्रेस में शामिल हुए तो जावद से 7000 लोग उनके साथ थे.

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800 वाहनों के काफिले के साथ कांग्रेस में शामिल हुए समंदर

पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि समर्थकों से भरे लगभग 800 वाहनों के काफिले में पटेल आए और राज्य इकाई के प्रमुख कमल नाथ की उपस्थिति में शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हुये.

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कांग्रेस में समंदर का रहा है आना-जाना

समंदर पटेल ने 2018 के विधानसभा चुनावों में जावद से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा था और 35,000 वोट हासिल किए थे. इस पर उन्हें कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले वह फिर से कांग्रेस में शामिल किए गए. भाजपा से वापसी करने वाले सिंधिया के वफादारों में शिवपुरी जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव भी शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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