MP Election 2023 : चुनाव से पहले बढ़ रहा है कांग्रेस का कुनबा, बीजेपी की टेंशन बढ़ी

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 11 Sep 2023 11:29 AM

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MP Election 2023 : मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का कुनबा बढ़ता जा रहा है. बीजेपी को दामन छोड़ने वालों में दो नेताओं का नाम और जुड़ गया है. गिरिजा शंकर शर्मा के साथ-साथ टीकमगढ़ के भक्ति तिवारी ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया है.

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MP Election 2023 : मध्य प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले बीजेपी को जोरदार झटका कांग्रेस ने दिया है. दरअसल, नर्मदापुरम जिले से दो बार बीजेपी के विधायक रह चुके गिरिजा शंकर शर्मा कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. 73 वर्ष के शर्मा ने रविवार को बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ राजधानी भोपाल के प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की उपस्थिति में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

गिरिजा शंकर शर्मा की बात करें तो उनके छोटे भाई सीताशरन शर्मा मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं और वह होशंगाबाद (पूर्व में इटारसी विधानसभा सीट) से वर्ष 2018 में पांचवीं बार भाजपा के विधायक बने हैं. आपको बता दें कि आठ दिन पहले भी एक विधायक और एक पूर्व विधायक सहित 10 बीजेपी नेता राज्य में विपक्षी पार्टी कांग्रेस में शामिल हुए थे. मध्य प्रदेश में इस साल के अंत से पहले विधानसभा चुनाव होने हैं, इससे पहले कांग्रेस का कुनबा बढ़ता जा रहा है जिससे बीजेपी की टेंशन बढ़ गई है.

गिरिजा शंकर शर्मा ने नौ दिन पहले बीजेपी से दिया था इस्तीफा

पूर्व में होशंगाबाद का प्रतिनिधित्व कर चुके गिरिजा शंकर शर्मा ने नौ दिन पहले बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था, जिससे उनके कांग्रेस खेमे में जाने की अटकलें तेज हो गई थीं. गिरिजाशंकर शर्मा के अलावा, टीकमगढ़ के भक्ति तिवारी ने भी बीजेपी छोड़ कर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है. इन्हें जब कांग्रेस की सदस्यता दिलाई जा रही थी तो इस अवसर पर कमलनाथ मौजूद थे. प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि दोनों नेता बीजेपी की जनविरोधी नीतियों, बीजेपी राज में प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार और हर वर्ग पर हो रहे अत्याचारों से त्रस्त होकर जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने कांग्रेस में शामिल हुए हैं.

बीजेपी में दरी बिछाने वाले नहीं होते थे, तब से…

वहीं गिरिजा शंकर शर्मा ने कांग्रेस का दामन थामते हुए कहा कि बीजेपी में दरी बिछाने वाले नहीं होते थे, तब से आज तक वर्षों बीजेपी का काम किया, लेकिन आज बीजेपी में दुर्व्यवस्था पनप रही है. जनता की भावनाओं पर कुठाराघात किया जा रहा है. बीजेपी में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और जी हजूरी प्रथा चल रही है. जनविरोधी नीतियों से प्रदेश की जनता त्रस्त है, सम्मान देने वाले व्यक्ति का अपमान किया जा रहा है और चापलूसों को तबज्जों दी जा रही है.

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टीकमगढ़ के भक्ति तिवारी ने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी का कर्मठ सिपाही हूं. रास्ता भटक गया था. मुझे गलती का एहसास हो चुका है और मैंने घर वापसी की है. मुझे जो भी जिम्मेदारी पार्टी सौंपेगी, उस पर पूरी तरह खरा उतरूंगा.

करीब आठ दिन पहले इन दो दिग्गजों ने थामा था कांग्रेस का दामन

वीरेंद्र रघुवंशी: शिवपुरी की कोलारस विधानसभा सीट से वीरेंद्र रघुवंशी बीजेपी के विधायक हैं. कुछ दिन पहले ही उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था जिसके बाद से कयासों का दौर जारी था. उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगा दिये थे. उन्होंने शिवपुरी के प्रभारी मंत्री पर क्षेत्र में भ्रष्ट अधिकारियों को पैसे लेकर तैनात करने के आरोप तक लगा दिये थे.

भंवर सिंह शेखावत : भंवर सिंह शेखावत की बात करें तो वे बीजेपी से विधायक रहे हैं. 2018 में वह बदनावर से राज्यवर्धन दत्तीगांव से चुनाव नहीं जीत सके थे. सिंधिया के साथ दत्तीगांव बीजेपी में शामिल हुए और उपचुनाव भी जीते. आज प्रदेश के उद्योग मंत्री के पद पर वे काबिज हैं. शेखावत शुरू से ही दत्तीगांव के बीजेपी में आने का विरोध कर रहे थे. बताया जा रहा है कि शेखावत बदनावर से टिकट मांग रहे थे जिसके बाद से उनकी कांग्रेस में जाने की अटकलें तेज हो गई थी. शेखावत का कहना है कि उन्होंने बीजेपी नहीं छोड़ी, बल्कि पार्टी ने उन्हें छोड़ दिया है.

भाषा इनपुट के साथ

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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