महाराष्ट्र: MPSC की तैयारी कर रहे छात्र ने की खुदकुशी, 2.5 लाख रुपये कर्ज में दबे होने का दावा

Updated:
विज्ञापन

स्ट्रेस में छात्र का सांकेतिक फोटो, PHOTO AI

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

महाराष्ट्र के पुणे में MPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे 28 वर्षीय छात्र प्रथमेश देशमुख ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. पुलिस के अनुसार, छात्र पर 2.50 लाख रुपये का कर्ज था और वह आर्थिक दबाव झेल रहा था.

विज्ञापन

महाराष्ट्र में 28 साल के एक छात्र ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली. छात्र पुणे के नारायण पेठ इलाके में किराए के घर में रहकर MPSC प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था. पुलिस को शक है कि आत्महत्या के पीछे कर्ज का तनाव हो सकता है.

विज्ञापन
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, मृतक की पहचान प्रथमेश देशमुख के तौर पर हुई है, जो महाराष्ट्र के धाराशिव जिले की परंडा तहसील के खासापुरी गांव का रहने वाला था. देशमुख पिछले चार साल से पुणे में रह रहा था और प्रतियोगी परीक्षाओं, जिसमें महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाएं भी शामिल थीं, की तैयारी कर रहा था.


DCP ऋषिकेश रावले ने बताया- छात्र ने सुसाइड नोट में कर्ज का किया जिक्र

पुणे शहर पुलिस के जोन 1 DCP ऋषिकेश रावले ने बताया, "देशमुख आर्थिक दबाव में था और उस पर कई लोगों का करीब 2.50 लाख रुपये का कर्ज था. उसका परिवार भी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था; उसने एक नोट भी छोड़ा है जिसमें उसने लिए गए और चुकाए गए कर्ज का ब्योरा दिया है."

अभिजीत दीपके ने छात्र की मौत पर जताया दुख, कहा- सरकार को सोचना चाहिए

'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्र की मौत पर कहा, "मैंने अभी-अभी यह दुखद खबर सुनी है कि धाराशिव से MPSC की तैयारी के लिए पुणे आए प्रथमेश देशमुख ने आत्महत्या कर ली है. हम सभी को, और खासकर सरकार को, इस बात पर सोचना चाहिए कि उन्होंने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया. जब कोई युवा धाराशिव जैसे जिले से पुणे आता है, तो वह न केवल अपने सपने, बल्कि अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारियां भी साथ लाता है."

"प्रथमेश को भी उम्मीद रही होगी कि वह MPSC पास करेंगे, सीनियर ऑफिसर बनेंगे और राज्य व देश की सेवा करेंगे. लेकिन जब परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियां होती हैं, प्रश्न पत्र लीक हो जाते हैं, नतीजे समय पर नहीं आते या परीक्षा की तारीखें बार-बार आगे बढ़ा दी जाती हैं, तो क्या सरकार को अंदाजा है कि इसका छात्रों पर कितना असर पड़ता है? गांव से आया छात्र पुणे में एक छोटे से कमरे में रहता है, पैसे बचाने के लिए सस्ता खाना खाता है और किसी तरह अपनी पढ़ाई जारी रखता है. ऐसे में, जब परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाई जाती है, तो उन्हें लंबे समय तक कमरे के किराए और खाने का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है." - अभिजीत दीपके


ये भी पढ़ें: शेख हसीना की बेटी साइमा वाजेद ने छोड़ा WHO रीजनल डायरेक्टर का पद, जानिए इस्तीफे की वजह

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola