मराठा आरक्षण पर जल रहा महाराष्ट्र, सीएम शिंदे ने की हाई लेवल मीटिंग, फडणवीस ने पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 04 Sep 2023 5:14 PM

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मराठा आरक्षण बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा, पुलिस द्वारा लाठीचार्ज सही नहीं था. मैं सरकार की ओर से माफी मांग रहा हूं. उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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महाराष्ट्र इस समय मराठा आरक्षण की आग में जल रहा है. मराठा समुदाय के लोग आरक्षण की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. हिंसा के दौरान करीब 40 पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए थे, जबकि 15 से अधिक सरकारी बसों को आग के हवाले कर दिया गया था. इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण को लेकर हाई लेवल मीटिंग की है.

मराठा आरक्षण की दिशा में गंभीरता से काम कर रही शिंद सरकार

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने बताया, मराठा आरक्षण पर आज हमने उच्च स्तरीय बैठक की. मैं पहले ही प्रदर्शनकारियों से बात कर चुका हूं और हम इस मुद्दे को व्यवस्थित तरीके से सुलझाएंगे. हमारी सरकार मराठा आरक्षण से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए गंभीर है. उन्होंने कहा, आज उच्च स्तरीय बैठक में मराठा समुदाय को आरक्षण देने पर चर्चा हुई. सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है. मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए, यही सरकार का मानना है. उन्होंने आगे कहा, राज्य मंत्री गिरीश महाजन और अन्य मंत्री चर्चा के लिए (जालना) जाएंगे. हम इस मसले को बातचीत से ही सुलझा सकते हैं.

फड़णवीस ने पुलिस लाठीजार्च की निंदा की

मराठा आरक्षण बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा, पुलिस द्वारा लाठीचार्ज सही नहीं था. मैं सरकार की ओर से माफी मांग रहा हूं. उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

जालना में लाठीचार्ज के खिलाफ मराठा संगठनों का, अजीत पवार से पद छोड़ने को कहा

मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर जालना में पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ विभिन्न मराठा संगठनों ने सोमवार को पुणे जिले के बारामती शहर में प्रदर्शन किया और उपमुख्यमंत्री अजित पवार से शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार छोड़ने को कहा. विपक्षी दलों शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता पुणे शहर के कोथरुड इलाके में सड़कों पर उतरे और सरकार को मराठा समुदाय के धैर्य की परीक्षा नहीं लेने की चेतावनी दी. वहीं, बारामती में मराठा संगठनों के सदस्यों ने राकांपा के स्थानीय विधायक और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के खिलाफ नारे लगाए तथा उनसे शिवसेना-भाजपा सरकार से अलग होने की मांग की. सदस्यों ने गृह विभाग संभालने वाले भाजपा नेता एवं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ भी नारेबाजी की.

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मराठा आंदोलन को कुचलना चाहती है महाराष्ट्र की शिंदे सरकार

पुणे में प्रदर्शन के दौरान राकांपा (शरद पवार गुट) नेता अंकुश काकड़े ने कहा, एकनाथ शिंदे नीत सरकार में उपमुख्यमंत्री फडणवीस पिछले एक साल से मराठा आरक्षण के लिए कोई भी प्रयास करने में नाकाम रहे हैं. मराठाओं के धैर्य की परीक्षा न लें. काकड़े ने आरोप लगाया कि पुलिस को राज्य सरकार से जालना जिले में मराठा आंदोलन को कुचलने के आदेश मिले थे. पुलिस ने शुक्रवार को जालना जिले के अंतरवाली सारथी गांव में हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उस समय लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले छोड़े थे, जब प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को भूख हड़ताल पर बैठे एक व्यक्ति को चिकित्सकों की सलाह पर अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले जाने से रोकने की कोशिश की थी.

2018 में मराठा समुदाय को मिला था आरक्षण, 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

हिंसा के दौरान करीब 40 पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए थे, जबकि 15 से अधिक सरकारी बसों को आग के हवाले कर दिया गया था. मराठा समुदाय को महाराष्ट्र सरकार की नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाखिले में वर्ष 2018 में आरक्षण दिया गया था, जब फडणवीस राज्य के मुख्यमंत्री थे. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मई 2021 में कुल आरक्षण की सीमा 50 फीसदी होने सहित अन्य कारणों का हवाला देते हुए इसे रद्द कर दिया था.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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