ePaper

‘एक बार काली बोलो’ की ऐतिहासिक कालीघाट में गूंज, कोरोना संकट में मंगलवार से भक्तों के लिए खुला माता का दरबार

Updated at : 22 Jun 2021 3:01 PM (IST)
विज्ञापन
‘एक बार काली बोलो’ की ऐतिहासिक कालीघाट में गूंज, कोरोना संकट में मंगलवार से भक्तों के लिए खुला माता का दरबार

Kolkata Kalighat Temple: पश्चिम बंगाल में जारी कोरोना संकट के बीच बंद पड़े ऐतिहासिक शक्तिपीठ कालीघाट को फिर से मंगलवार को भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया. इसके पहले मई महीने में पश्चिम बंगाल में कोरोना को लेकर सख्ती के ऐलान के साथ ही सारे धार्मिक स्थलों के साथ कालीघाट को भी बंद किया गया था. वहीं, राज्य में घटते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंगलवार से शक्तिपीठ कालीघाट मंदिर को खोल दिया गया है. मंदिर सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक खोला गया है.

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में जारी कोरोना संकट के बीच बंद पड़े ऐतिहासिक शक्तिपीठ कालीघाट को फिर से मंगलवार को भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया. इसके पहले मई महीने में पश्चिम बंगाल में कोरोना को लेकर सख्ती के ऐलान के साथ ही सारे धार्मिक स्थलों के साथ कालीघाट को भी बंद किया गया था. वहीं, राज्य में घटते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंगलवार से शक्तिपीठ कालीघाट मंदिर को खोल दिया गया है. मंदिर सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक खोला गया है.

Also Read: नारद स्टिंग केस में ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, सुनवाई से जज अनिरुद्ध बोस ने खुद को किया अलग
गाइडलाइंस को फॉलो करना सबसे ज्यादा जरूरी

कालीघाट मंदिर खुलने के साथ ही भक्तों को पूजा करने की छूट मिली है. अरसे से भक्त माता के दर्शन-पूजन का इंतजार कर रहे थे. अब, मंदिर के खुलने के साथ ही भक्तों को थाली लेकर पूजा करने की अनुमति मिली है. मां काली की पूजा करने वाले भक्तों को कोरोना गाइडलाइंस को फॉलो करना होगा. सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करते हुए कतारबद्ध होने की हिदायत दी गई है. अधिकारियों के मुताबिक कोरोना गाइडलाइंस को फॉलो करना सबसे ज्यादा जरूरी है.

काली मंदिर के 51 शक्तिपीठों में से एक कालीघाट है. यहां माता सती के दाएं पांव के अंगूठे को छोड़कर चारों ऊंगलियां गिरी थी. यहां की शक्ति कालिका और भैरव नकुलेश हैं. कालीघाट में मां काली की भव्य प्रतिमा विराजमान है. इस मंदिर को जाग्रत माना जाता है. हिंदू धर्मग्रंथों में जिक्र है कि ‘कालीघाट मंदिर में पूजा करने से पुण्य मिलता है और हर मनोकामना पूरी होती है.’

कालीघाट मंदिर का महत्व

Also Read: पीएम केयर्स फंड से बंगाल में 250 बिस्तर वाले दो कोरोना अस्पताल बनेंगे
मंदिर आने वाले भक्तों को किया गया जागरूक…

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के निकलने के बाद 5 मई को कई पाबंदियों का ऐलान किया गया था. इसके बाद ऐतिहासिक कालीघाट को बंद कर दिया गया था. अब, कोरोना की स्थिति कंट्रोल में आई है तो मंदिर खोलने का फैसला लिया गया. इसके पहले तारकेश्वर और तारापीठ को भी खोला जा चुका है. मंदिर के खुलने के बाद भक्त माता के दर्शन करने पहुंचे. सभी भक्तों को कोरोना गाइडलाइंस का सही से पालन करते देखा गया. हर भक्त को जागरूक भी किया जा रहा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola