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Kangana Ranaut: बीएमसी ने कोर्ट को दिया जवाब, कंगना की याचिका रद्द कर जुर्माना लगाने की अपील

Updated at : 19 Sep 2020 12:38 PM (IST)
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Kangana Ranaut: बीएमसी ने कोर्ट को दिया जवाब, कंगना की याचिका रद्द कर जुर्माना लगाने की अपील

अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के बीच चल रहे विवाद के बीच मुंबई (Mumbai) की सिविक बॉडी ने शनिवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में अपना हलफनामा दायर किया है. यदि आपको याद हो तो पिछले दिनों कंगना के ऑफिस पर बीएमसी ने कथित अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई की थी. इसके बाद कंगना ने कोर्ट का रुख किया था और दो करोड मुआवजे की मांग की थी. यह हलफनामा बीएमसी द्वारा उसी सिलसिले में दायर किया गया है.

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अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के बीच चल रहे विवाद के बीच मुंबई (Mumbai) की सिविक बॉडी ने शनिवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में अपना हलफनामा दायर किया है. यदि आपको याद हो तो पिछले दिनों कंगना के ऑफिस पर बीएमसी ने कथित अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई की थी. इसके बाद कंगना ने कोर्ट का रुख किया था और दो करोड मुआवजे की मांग की थी. यह हलफनामा बीएमसी द्वारा उसी सिलसिले में दायर किया गया है.

मीडिया में चल रही रिपोर्ट के अनुसार, हलफनामे में बीएमसी ने कंगना की याचिका को कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ बताया है और इसका दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. यही नहीं बीएमसी ने बॉम्बे हाई कोर्ट से गुजारिश की है कि वह कंगना रनौत की याचिका को खारिज कर दे. साथ ही कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के आरोप में ऐसी याचिका दायर करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने की अपील की है.

22 सितंबर को सुनवाई : आपको बता दें कि मुंबई की तुलना पीओके से करने वाले बयान के बाद कंगना रनौत शिवसेना के निशाना पर हैं. 9 सिंतबर को शिवसेना द्वारा नियंत्रित बीएमसी ने अभिनेत्री के ऑफिस में अवैध निर्माण बताते हुए तोड़फोड़ कर दी थी. 15 सितंबर को कंगना ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपनी संशोधित याचिका दायर करते हुए बीएमसी से मुआवजे के तौर पर 2 करोड़ रुपये की मांग की. कोर्ट इस मामले पर 22 सिंतबर को कोर्ट सुनावाई करेगा.

बता दे कि उपनगरीय इलाके बांद्रा स्थित रनौत के बंगले में बीएमसी ने गत नौ सितंबर को कथित अवैध निर्माण को तोड़ा था, जिसके खिलाफ अभिनेत्री ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. तब न्यायमूर्ति एसजे कठवल्ला की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बीएमसी की कार्रवाई पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि यह ”दुर्भावनापूर्ण” प्रतीत होती है.

रनौत ने अपनी संशोधित याचिका में आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ की गई उनकी टिप्पणियों के परिणामस्वरूप बीएमसी ने तोड़फोड़ की कार्रवाई का फैसला किया. इसके मुताबिक, हाल ही में अभिनेत्री की महाराष्ट्र सरकार से तनातनी चल रही थी क्योंकि उन्होंने राज्य सरकार से संबंधित कुछ मुद्दों से निपटने को लेकर की गई कार्रवाई पर अपने विचार व्यक्त किए थे, जिनका आम जनता पर प्रभाव पड़ता है. संशोधित याचिका के मुताबिक, उनके विचारों ने कुछ खास पक्षों को नाखुश किया और एक विशेष राजनीतिक दल की नाराजगी का कारण बना जोकि महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा है

Posted By: Pawan Singh

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