Jhalawar School Collapse Video: 'मेरा सबकुछ लुट गया…' पीड़ित मां का रुदन सुन फट जाएगा कलेजा
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 26 Jul 2025 3:22 PM
Jhalawar School Collapse
Jhalawar School Collapse Video: राजस्थान में झालावाड़ जिले के एक घर के जिस आंगन में कुछ दिन पहले तक दो भाई-बहन की हंसी गूंजा करती थी, अब वहां मातम पसरा हुआ है. हादसे में अपने बेटे और बेटी को खोने के गम से एक पीड़ित मां रह-रहकर बदहवास हुए जा रही है. उसने कहा, "मेरा सबकुछ लुट गया है. मेरे दो ही बच्चे थे, दोनों चले गए." मृतक बच्चों की मां को रोते हुए देखकर आपका भी कलेजा फट जाएगा.
Jhalawar School Collapse Video: राजस्थान के झालावाड़ के पिपलोदी गांव में शुक्रवार को एक सरकारी स्कूल की इमारत ढहने की घटना में दो भाई-बहन समेत 7 बच्चों की मौत हो गई. इस हादसे में अपने बेटे और बेटी को खोने के गम से बदहवास मां ने कहा, ‘‘मेरा सबकुछ लुट गया. मेरे दो ही बच्चे थे. दोनों चले गए. मेरा घर सूना हो गया. मेरे आंगन में खेलने वाला कोई नहीं बचा. एक लड़का था, एक लड़की. भगवान मुझे ले जाता, मेरे बेटे-बेटी को छोड़ देता.’’
पीड़ित परिजनों से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की मुलाकात
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय की छत गिरने से मारे गए छात्रों के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उनके दुख बांटे और उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया.
VIDEO | Jhalawar school building collapse: Former Rajasthan CM and BJP leader Vasundhara Raje (@VasundharaBJP) visits family of victim to share their grief. #JhalawarTragedy #JhalawarSchool pic.twitter.com/x8B4JynM6s
— Press Trust of India (@PTI_News) July 26, 2025
एक अन्य बच्चे की मां ने शिक्षकों की भूमिका पर उठाया सवाल
घटना में अपने बच्चे को खोने वाली एक अन्य महिला ने घटना के समय स्कूल में मौजूद शिक्षकों की भूमिका पर सवाल उठाए. उसने कहा, ‘‘मास्टर साहब भी स्कूल जाते हैं. खुद तो बाहर चले गए और बच्चों को अंदर छोड़ दिया. वे बाहर क्या कर रहे थे?’’
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जब बच्चे के शव को सौंपा गया, तो बच्चों से लिपटकर विलाप करने लगे परिजन
शनिवार की सुबह जब सातों बच्चों के शव उनके परिवारों को सौंपे गए, तो एसआरजी अस्पताल के शवगृह के बाहर खड़े उनके परिजनों को संभालना मुश्किल हो गया. कुछ महिलाएं अपने बच्चों के शवों से लिपटकर विलाप कर रही थीं जबकि कुछ पीड़ित सदमे में मौन बैठे थे. हादसे में मारे गए पांच बच्चों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया जबकि दो बच्चों की अंत्येष्टि अलग-अलग की गई. इस हादसे में मारे गए बच्चों में सबसे छोटा बच्चा केवल छह साल का था. मृतकों की पहचान पायल (12), हरीश (8), प्रियंका (12), कुंदन (12), कार्तिक और भाई-बहन मीना (12) एवं कान्हा (छह) के रूप में हुई है.
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पांच जिला अधिकारी और स्कूल के पांच कर्मचारी निलंबित
हादसे में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल के पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. वहीं पांच शिक्षा अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गय है. निलंबित किये गये पांच शिक्षा अधिकारियों में मीना गर्ग, जावेद अहमद, रामविलास, कन्हैया लाल सुगन और बद्रीलाल लोढ़ा शामिल हैं. मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं. स्कूल शिक्षा मंत्री ने अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है.
नये स्कूल भवन बनवाने का आदेश
झालावाड़ के जिलाधिकारी अजय सिंह ने शोकसंतप्त परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और कहा कि इस मामले के दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘स्कूल के पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और जांच समिति गठित की गई है. जरूरत पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. अगर निलंबन के बाद निष्कासन करना पड़ा तो वह भी किया जाएगा.’’ उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं सहयोग दिया जा रहा है और स्कूली शिक्षा मंत्री ने गांव में एक नया भवन बनवाने की घोषणा की है.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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