Jhalawar School Collapse Video: ‘मेरा सबकुछ लुट गया…’ पीड़ित मां का रुदन सुन फट जाएगा कलेजा

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Jhalawar School Collapse

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Jhalawar School Collapse Video: राजस्थान में झालावाड़ जिले के एक घर के जिस आंगन में कुछ दिन पहले तक दो भाई-बहन की हंसी गूंजा करती थी, अब वहां मातम पसरा हुआ है. हादसे में अपने बेटे और बेटी को खोने के गम से एक पीड़ित मां रह-रहकर बदहवास हुए जा रही है. उसने कहा, “मेरा सबकुछ लुट गया है. मेरे दो ही बच्चे थे, दोनों चले गए.” मृतक बच्चों की मां को रोते हुए देखकर आपका भी कलेजा फट जाएगा.

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Jhalawar School Collapse Video: राजस्थान के झालावाड़ के पिपलोदी गांव में शुक्रवार को एक सरकारी स्कूल की इमारत ढहने की घटना में दो भाई-बहन समेत 7 बच्चों की मौत हो गई. इस हादसे में अपने बेटे और बेटी को खोने के गम से बदहवास मां ने कहा, ‘‘मेरा सबकुछ लुट गया. मेरे दो ही बच्चे थे. दोनों चले गए. मेरा घर सूना हो गया. मेरे आंगन में खेलने वाला कोई नहीं बचा. एक लड़का था, एक लड़की. भगवान मुझे ले जाता, मेरे बेटे-बेटी को छोड़ देता.’’

पीड़ित परिजनों से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की मुलाकात

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय की छत गिरने से मारे गए छात्रों के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उनके दुख बांटे और उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया.

एक अन्य बच्चे की मां ने शिक्षकों की भूमिका पर उठाया सवाल

घटना में अपने बच्चे को खोने वाली एक अन्य महिला ने घटना के समय स्कूल में मौजूद शिक्षकों की भूमिका पर सवाल उठाए. उसने कहा, ‘‘मास्टर साहब भी स्कूल जाते हैं. खुद तो बाहर चले गए और बच्चों को अंदर छोड़ दिया. वे बाहर क्या कर रहे थे?’’

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जब बच्चे के शव को सौंपा गया, तो बच्चों से लिपटकर विलाप करने लगे परिजन

शनिवार की सुबह जब सातों बच्चों के शव उनके परिवारों को सौंपे गए, तो एसआरजी अस्पताल के शवगृह के बाहर खड़े उनके परिजनों को संभालना मुश्किल हो गया. कुछ महिलाएं अपने बच्चों के शवों से लिपटकर विलाप कर रही थीं जबकि कुछ पीड़ित सदमे में मौन बैठे थे. हादसे में मारे गए पांच बच्चों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया जबकि दो बच्चों की अंत्येष्टि अलग-अलग की गई. इस हादसे में मारे गए बच्चों में सबसे छोटा बच्चा केवल छह साल का था. मृतकों की पहचान पायल (12), हरीश (8), प्रियंका (12), कुंदन (12), कार्तिक और भाई-बहन मीना (12) एवं कान्हा (छह) के रूप में हुई है.

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पांच जिला अधिकारी और स्कूल के पांच कर्मचारी निलंबित

हादसे में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल के पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. वहीं पांच शिक्षा अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गय है. निलंबित किये गये पांच शिक्षा अधिकारियों में मीना गर्ग, जावेद अहमद, रामविलास, कन्हैया लाल सुगन और बद्रीलाल लोढ़ा शामिल हैं. मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं. स्कूल शिक्षा मंत्री ने अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है.

नये स्कूल भवन बनवाने का आदेश

झालावाड़ के जिलाधिकारी अजय सिंह ने शोकसंतप्त परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और कहा कि इस मामले के दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘स्कूल के पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और जांच समिति गठित की गई है. जरूरत पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. अगर निलंबन के बाद निष्कासन करना पड़ा तो वह भी किया जाएगा.’’ उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं सहयोग दिया जा रहा है और स्कूली शिक्षा मंत्री ने गांव में एक नया भवन बनवाने की घोषणा की है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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