अगले दो माह के दौरान महिलाओं के जनधन खातों में दो किस्तों में 1,000 रुपये डालेगी सरकार

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अगले दो माह के दौरान महिलाओं के जनधन खातों में दो किस्तों में 1,000 रुपये डालेगी सरकार

Jan Dhan accounts infuse Rs 1,000 in two installments : प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत महिला खाताधारकों के खातों में अगले दो माह के दौरान 500-500 रुपये की दो समान किस्तों में 1,000 रुपये डाले जाएंगे. महिला जनधन खाताधारकों के खातों में पहली किस्त के रूप में अप्रैल में 500 रुपये डाले गए हैं.

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत महिला खाताधारकों के खातों में अगले दो माह के दौरान 500-500 रुपये की दो समान किस्तों में 1,000 रुपये डाले जाएंगे. महिला जनधन खाताधारकों के खातों में पहली किस्त के रूप में अप्रैल में 500 रुपये डाले गए हैं. इस बात की जानकारी वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को दी.

मंत्रालय ने लोगों से कहा है कि वे इसको लेकर किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें. अगले दो महीने में दो किस्तें और डाली जायेंगी. इस बीच, सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक ने लाभार्थियों से कहा है कि वे इन अफवाहों पर ध्यान नहीं दें कि यदि वे इस पैसे को नहीं निकालेंगी तो सरकार उसे वापस ले लेगी. इन अफवाहों के चलते बड़ी संख्या में लोग बैंकों में पैसा निकालने के लिए जुट रहे हैं.

एसबीआई में सबसे ज्यादा जनधन खाते हैं. इसके चलते बैंकों की शाखाओं में भीड जमा हो रही है और कोरोना वायरस पर अंकुश के लिए सामाजिक दूरी दिशानिर्देशों का उल्लंघन हो रहा है. वित्तीय सेवा विभाग ने ट्वीट में कहा है कि सरकार ने अप्रैल के लिए महिला जनधन खाताधारकों के खातों में 500-500 रुपये डाल दिए हैं. लाभार्थी इस पैसे को कभी भी निकाल सकते हैं. विभाग ने कहा है कि मई और जून में इन खाताधारकों के खातों में 500- 500 रुपये और डाले जाएंगे.

विभाग ने लाभार्थियों से किसी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने को कहा है. लाभार्थियों से कहा गया है कि वे अपनी सुविधानुसार एटीएम या बैंक से पैसा निकाल सकते हैं. पीएमजेडीवाई के तहत कुल खातों की संख्या 38.08 करोड़ है. इनमें से 20.60 करोड़ महिला खाताधारक हैं. एक अप्रैल तक पीएमजेडीवाई खातों में 1.19 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की गयी थी.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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