कर्मचारियों की चिंता पर बोले अंतरिक्ष एजेंसी प्रमुख- ISRO का नहीं होगा प्राइवेटाइजेशन
ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन (Photo: PTI)
ISRO के प्राइवेटाइजेशन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख का बयान आया है. नीचे पढ़ें उन्होंने पूरे मामले को लेकर क्या कहा.
ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का प्राइवेटाइजेशन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को लेकर उनकी जो भी चिंताएं हैं, सरकार और ISRO मिलकर उनका समाधान करेंगे. बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में ISRO चेयरमैन नारायणन ने इस मुद्दे पर बात की.
ISRO के कुछ कर्मचारी प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भूमिका से चिंतित हैं. उनका कहना है कि सरकार की अंतरिक्ष नीति को लेकर स्थिति साफ होनी चाहिए. कर्मचारियों ने सरकार से इस बारे में आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है. वे जानना चाहते हैं कि भविष्य में ISRO की भूमिका क्या होगी.
इससे पहले इसरो ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि प्राइवेट कंपनियों की मदद से वह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए अगली पीढ़ी की तकनीक पर ध्यान दे रहा है. वहीं, कंपनियां बड़े स्तर पर नई और मॉर्डन तकनीक तैयार करेंगी. इससे देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने और नई तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी.
ये भी पढ़ें: ISRO Recruitment 2026: 175 पदों पर भर्ती, 16 सितंबर लास्ट डेट
इसरो के नौ कर्मचारी संगठनों ने 4 सितंबर को अध्यक्ष वी. नारायणन को पत्र लिखा. उन्होंने प्रोडक्शन और कामकाज से जुड़े कुछ काम प्राइवेट कंपनियों को देने की बात पर सफाई मांगी है. कर्मचारी संगठनों ने IN-SPACe के चेयरमैन पवन गोयनका के 21 अगस्त के बयान का भी जिक्र किया. गोयनका की बातों के बाद कर्मचारियों में इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ गई थी.
ISRO ने बताया कि वह पहले ही कई तकनीकों को प्राइवेट कंपनियों को दे चुका है. इसका मतलब यह नहीं है कि ISRO उन कामों से पीछे हट रहा है. कंपनियां इन तकनीकों का बड़े स्तर पर उत्पादन और कारोबार करेंगी, जबकि ISRO के वैज्ञानिक नई तकनीक और मुश्किल अंतरिक्ष मिशन पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे.
ISRO ने कहा कि आने वाले समय में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र ISRO की अगुवाई में आगे बढ़ेगा. इसमें सरकार, प्राइवेट कंपनियां, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थान मिलकर काम करेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए