घर और सोसाइटी में काम करने वाले सफाईकर्मचारी,ड्राइवर और नौकर काम पर लौट सकते हैं ? पढ़ें क्या है गाइडलाइन

Author : PankajKumar Pathak Published by : Prabhat Khabar Updated At : 02 May 2020 4:22 PM

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कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ा दी गयी है. गृहमंत्रालय ने इस लॉकडाउन के साथ नयी गाइडलाइन भी जारी की है.इस गाइडलाइन में घरेलू मदद के लिए काम करने वाले लोगों का भी जिक्र है जो घर और सोसाइटी में अलग अलग जगह काम करते हैं.

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नयी दिल्ली : कोरोन वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ा दी गयी है. गृहमंत्रालय ने इस लॉकडाउन के साथ नयी गाइडलाइन भी जारी की है.इस गाइडलाइन में घरेलू मदद के लिए काम करने वाले लोगों का भी जिक्र है जो घर और सोसाइटी में अलग अलग जगह काम करते हैं.

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नयी गाइडलाइन के मुताबिक नौकरानी, ड्राइवर और सफाईकर्मचारियों को काम पर जाने की इजाजत है जो इलाके सील नहीं है जहां सक्रमण का खतरा नहीं है हालांकि अबतक यातायात की सुविधा शुरू नहीं हुई है.

इस नयी गाइडलाइन के जारी होने के बाद भी इनका काम पर पहुंचना मुश्किल होगा, इस नयी गाइडलाइन से उन्हें मदद मिलेगी तो पैदल ही काम पर पहुंचते थे या उनके पास कोई दूसरा साधन था.

अगर घर पर काम करने वाले किसी तरह पहुंचते भी हैं तो दूसरी तरफ सोसाइटी ने भी अपने स्तर पर कई तरह के नियम बना रखें हैं. सोसाइटी ने अपने स्तर पर बनाये नियम में बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी कई जगहों पर रोक लगा रखी है. गृहमंत्रालय ने आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत दो सप्ताह के लॉकडाउन की घोषणा की.

नया लॉकडाउन 4 मई से लेकर 17 मई तक जारी रहेगा.गृहमंत्रालय ने सुबह के सात बजे से लेकर शाम के सात बजे तक हर तरह के गैरजरूरी सेवाओं पर रोक लगायी है. शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को तीन कैटेगिरी में बांटा है- रेड जोन, ऑरेंज जोन, ग्रीन जोन.

इन तीन इलाकों में इनके खतरे के अनुसार रियायत दी गयी है या कटौती की गयी है हालांकि सभी जगहों पर जरूरी सेवा, राशन पहले की तरह मिलती रहेगी.

दूसरी तरफ कई ऐसे बिल्डिंग और सोसाइटी है जहां कोरोना का खतरा बढ़ रहा है कापसहेड़ा में एक ही बिल्डिंग से 41 लोगों के कोरोना संक्रमित पाये जाने से संकट और गहरा गया है.

अप्रैल को ठेके वाली गली स्थित इमारत से कोविड​​-19 संक्रमण का एक मामला सामने आया था. अधिकारी ने कहा, इस इमारत में काफी लोगों के रहने को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 19 अप्रैल को इमारत को सील करने का निर्णय लिया था.

दिशानिर्देशों के अनुसार किसी क्षेत्र में कम से कम तीन मामले आने पर उसे सील करना होता है. कोविड-19 संक्रमण की जांच के लिये इमारत में रहने वाले सभी लोगों के नमूने लिए गए थे और नोएडा स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स (एनआईबी) भेजे गए थे.

अधिकारी ने कहा, इमारत से एकत्र किये गए कुल नमूनों में से कुछ की रिपोर्ट शनिवार को आयी और इसमें से 41 व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित पाये गए. पिछले महीने दक्षिण-पश्चिम जिला मजिस्ट्रेट राहुल सिंह के एक निजी सचिव के कोविड​​-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी.

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By PankajKumar Pathak

Senior Journalist having more than 10 years of experience in print and digital journalism.

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