Heavy Rain Warning: तबाही की बरसात, स्कूल बंद, ट्रेनें कैंसिल, हिमाचल प्रदेश में रेड और ऑरेंज अलर्ट

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Heavy Rain Warning

Heavy Rain Warning: हिमाचल प्रदेश में बारिश ने बढ़ाई मुसीबत

Heavy Rain Warning: हिमाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर लगातार जारी है. सोमवार को कई इलाकों में भारी बारिश हुई. मंगलवार को भी जोरदार बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने मंगलवार को कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट, जबकि बुधवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बारिश के कारण ट्रेन सेवा बाधित है, स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है.

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Heavy Rain Warning: देश के कई राज्यों में बारिश से कोहराम मचा हुआ है. हिमाचल प्रदेश का भी बुरा हाल है. मंगलवार (2 सितंबर) को कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है. मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश के कारण रेल सेवा स्थगित कर दी गई, छह राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 1,311 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गईं. कई जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है. स्थानीय मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग ने 2 सितंबर के लिए कुछ इलाकों में रेड अलर्ट और 3 सितंबर को भी भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

1000 से ज्यादा सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कराण कई इलाकों में सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई है. मंडी में 289, शिमला में 241, चंबा में 239, कुल्लू में 169 और सिरमौर जिले में 127 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 3 (मंडी-धरमपुर रोड), एनएच 305 (औट-सैंज), एनएच 5 (ओल्ड हिंदुस्तान-तिब्बत रोड), एनएच 21 (चंडीगढ़-मनाली रोड), एनएच 505 (खाब से ग्रामफू रोड) और एनएच 707 (हाटकोटी से पोंटा) अवरुद्ध हो गए हैं. बारिश के कारण आंतरिक क्षेत्रों की हालत भी खराब है. अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को शिमला-कालका रेलमार्ग पर भूस्खलन हुआ था, जिसके बाद रेलगाड़ियां रद्द कर दी गईं. यह सेवा पांच सितंबर तक स्थगित रहेगी. कुल्लू में भूस्खलन के कारण एक निर्माणाधीन मकान क्षतिग्रस्त हो गया.

कई इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद

भारी बारिश के कारण सोमवार को राज्य के नौ जिलों के स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया. मंगलवार को शिमला, कांगड़ा, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, लाहौल-स्पीति और सोलन जिलों के अलावा कुल्लू और मनाली में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखा गया है. चंबा जिले में फंसे करीब 5,000 मणिमहेश तीर्थयात्रियों को वापस घर भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि 15 अगस्त को यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 16 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है. नैना देवी में बीते सोमवार शाम से 198.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो राज्य में सबसे ज़्यादा है.

कई जिलों में भयंकर बारिश का दौर जारी

आंकड़ों पर नजर डाले तो कई जिलों में भयंकर बारिश हो रही है. रोहड़ू में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई. जोत में 61.2 मिमी, बग्गी में 58.5 मिमी, कुकुमसेरी में 55.2 मिमी, नादौन में 53 मिमी, ओलिंदा में 50 मिमी, नंगल बांध में 49.8 मिमी, ऊना में 49 मिमी, भुंतर में 47.7 मिमी और बिलासपुर में 40.2 मिमी बारिश हुई. एसईओसी के आंकड़ों के मुताबिक मानसून शुरू होने के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम 327 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 41 लोग लापता हैं. राज्य में 20 जून के बाद से 95 बार अचानक बाढ़, 45 बार बादल फटने और 115 भीषण भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं. (इनपुट भाषा)

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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