G-20: 'भारत' बनाम 'इंडिया' को लेकर छिड़ी जंग, कांग्रेस के आरोप पर बीजेपी का पलटवार... क्या इंडिया बनेगा भारत?

Published by : Pritish Sahay Updated At : 05 Sep 2023 3:44 PM

विज्ञापन

राष्ट्रपति भवन की ओर से 9 सितंबर को G20 रात्रिभोज के लिए 'प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया' के बजाय 'प्रेसीडेंट ऑफ भारत' के नाम पर निमंत्रण भेजे जाने पर देश में राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने कहा कि यह राज्यों के संघ पर भी हमला हो रहा है, तो बीजेपी ने पलटवार किया है.

विज्ञापन

G20 Summit India: जी 20 समिट के दौरान डिनर के लिए भेजे गए राष्ट्रपति के उस निमंत्रण पत्र पर विवाद छिड़ गया है. दरअसल निमंत्रण पत्र पर प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की जगह प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा  गया है. अब इस बात को लेकर कांग्रेस ने अपनी कड़ी आपत्ति जताई है. वहीं, कांग्रेस के आरोप पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है. साथ ही इस मामले को लेकर देश में नया विवाद छिड़ गया है. फिलहाल, ‘इंडिया बनाम भारत’ के बीच राजनीतिक गलियारों में जंग छिड़ी है. इसी कड़ी में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सवाल किया है कि आखिर कांग्रेस को इतनी आपत्ति क्यों है.

जेपी नड्डा ने कांग्रेस से पूछा सवाल
जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट लिखते हुए कहा कि कांग्रेस को देश के सम्मान एवं गौरव से जुड़े हर विषय से इतनी आपत्ति क्यों है? भारत जोड़ो के नाम पर राजनीतिक यात्रा करने वालों को भारत माता की जय के उद्घोष से नफरत क्यों है? स्पष्ट है कि कांग्रेस के मन में न देश के प्रति सम्मान है, न देश के संविधान के प्रति और न ही संवैधानिक संस्थाओं के प्रति। उसे तो बस एक विशेष परिवार के गुणगान से मतलब है.

इस मामले में सबसे ज्यादा विरोध कांग्रेस की ओर से सामने आ रहा है. राष्ट्रपति भवन में ‘भारत के राष्ट्रपति’ के नाम से भेजे गए जी 20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज के निमंत्रण को लेकर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि यदि आप हमारे संविधान को पढ़ेंगे तो उसमें लिखा है ‘इंडिया दैट इज भारत’. उन्होंने कहा कि यह भाषा का मामला नहीं है. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि नामों से बहुत फर्क पड़ता है. बीजेपी को विकास, महंगाई, रोजगार, भ्रष्टाचार पर ध्यान देना चाहिए.

इधर, दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि NDIA गठबंधन से ये लोग इतना बौखलाए हुए हैं कि देश का नाम तक बदल देंगे? अगर कल हमने अपने गठबंधन का नाम भारत रख लिया तो क्या भारत नाम भी बदल देंगे?

भारत ‘बनाम इंडिया की लड़ाई’ तमिलनाडु के सीएम और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा है कि फासीवादी बीजेपी शासन को उखाड़ फेंकने के लिए गैर-बीजेपी ताकतों के एकजुट होने और अपने गठबंधन को उपयुक्त नाम इंडिया देने के बाद, अब बीजेपी ‘इंडिया’ को ‘भारत’ में बदलना चाहती है.उन्होंने कहा कि बीजेपी ने भारत को बदलने का वादा किया था, लेकिन 9 साल बाद हमें केवल नाम में परिवर्तन मिला! ऐसा लगता है कि भाजपा भारत नामक एक शब्द से घबरा गई है क्योंकि वे विपक्ष के भीतर एकता की ताकत को पहचानते हैं. चुनाव के दौरान बीजेपी को सत्ता से बाहर करेगा ‘इंडिया’.

इधर, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि एनडीए ‘इंडिया’ गठबंधन से डरी हुई हैं. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान कहता है इंडिया दैट इज भारत. इसी कड़ी में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि कि संविधान कहता है कि इंडिया दैट इज ‘भारत’. उन्होंने कहा कि मैं संविधान का हवाला दे रहा हूं- इंडिया दैट इज ‘भारत’. वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मामले पर कहा है कि पीएम मोदी को अब इंडिया नाम से दिक्कत हो रही है और वह इसका नाम बदलकर ‘भारत’ कर रहे हैं. पूरी दुनिया उन पर हंस रही है. हमें कोई दिक्कत नहीं है कि आप हमसे, हमारी विचारधारा से नफरत करते हैं और हमारे नेता, लेकिन भारत, भारतीयों से नफरत नहीं करते.

वहीं, ‘इंडिया बना भारत की लड़ाई में बीजेपी मजबूती के साथ खड़ी है. बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के वार पर पलटवार किया है. कांग्रेस नेता के तमाम आरोपों पर राज्यसभा सांसद और बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा कि संविधान में इंडिया और ‘भारत’ दोनों हैं. 75 साल तक अगर प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया लिखा जाता था तो ‘भारत’ का प्रेसिडेंट लिखने में क्या आपत्ति है? ‘भारत माता की जय’ बोलें लेकिन ‘भारत माता की जय’…इंडिया नाम अंग्रेजों ने दिया था। राजद और जदयू को भारत नाम से आपत्ति है तो वे इंडिया नाम का इस्तेमाल करते हैं…”

गुलामी की मानसिकता पर गहरा आघात- सीएम धामी

इसी कड़ी में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर कहा है कि जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति भवन में होने वाले रात्रिभोज के निमंत्रण कार्ड पर ‘भारत का राष्ट्रपति’ लिखा होना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने इसे गुलामी की मानसिकता पर गहरा आघात करार दिया है.

undefined

बीजेपी सांसद हरनाथ सिंह यादव कहते हैं, पूरा देश मांग कर रहा है कि हमें ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए.  उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ शब्द अंग्रेजों की ओर से दी गई एक गाली है जबकि ‘भारत’ शब्द हमारी संस्कृति का प्रतीक है. यादव ने कहा कि मैं चाहता हूं कि हमारे संविधान में बदलाव हो और इसमें ‘भारत’ शब्द जोड़ा जाए. वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पहले ही हो जाना चाहिए था. इससे मन को बहुत संतुष्टि मिलती है. ‘भारत’ हमारा परिचय है. हम हमें इस पर गर्व है. राष्ट्रपति ने ‘भारत’ को प्राथमिकता दी है. औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर आने वाला यह सबसे बड़ा बयान है.

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola