National Herald Case: प्रवर्तन निदेशालय ने सोनिया गांधी से 21 जुलाई को पेश होने के लिए कहा

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

National Herald Case: 75 वर्षीय कांग्रेस नेता उस तारीख पर पेश नहीं हो सकीं, क्योंकि कोविड​​-19 और फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी थी.

विज्ञापन

National Herald Case|ED Summons Sonia Gandhi|प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए 21 जुलाई को एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.

विज्ञापन

सोनिया को 23 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया था

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोनिया गांधी को 23 जून को पेश होने के लिए दूसरा समन जारी किया गया था, लेकिन 75 वर्षीय कांग्रेस नेता उस तारीख पर पेश नहीं हो सकीं, क्योंकि कोविड​​-19 और फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी थी.

Also Read: National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस में कल फिर होगी राहुल गांधी से पूछताछ

सोनिया ने ईडी से किया था यह आग्रह

अधिकारियों ने बताया कि सोनिया गांधी ने समन को चार सप्ताह के लिए स्थगित करने का आग्रह किया था. इसलिए उन्हें 21 जुलाई को एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है. कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष को पूर्व में 8 जून को पेशी के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोरोनावायरस से संक्रमित पाये जाने के बाद उन्हें 23 जून के लिए समन जारी किया गया था.

राहुल गांधी से 50 घंटे से अधिक समय तक हुई थी पूछताछ

ईडी ने सोनिया गांधी के बेटे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से इस मामले में पांच दिनों तक कई सत्र में 50 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी. राहुल गांधी से पूछताछ के दौरान देश भर में कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन किये थे.

नेहरू ने की थी नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत

उल्लेखनीय है कि नेशनल हेराल्ड एक न्यूज पेपर है. 1938 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसकी शुरुआत की थी. एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. शुरुआत में कांग्रेस एवं गांधी परिवार के लोगों का इसमें वर्चस्व था. वर्ष 2008 में घाटे की वजह से अखबार को बंद कर दिया गया. तब AJL को कांग्रेस फंड से 90 करोड़ रुपये का लोन दिया.

50 लाख देकर गांधी परिवार ने 90.25 करोड़ की संपत्ति हासिल की

इसके बाद सोनिय गांधी और राहुल गांधी ने यंग इंडियन कंपनी बनायी. यंग इंडियन की ओर से AJL को दिये गये लोन के बदले कंपनी में 99 फीसदी शेयर मिल गया. यंग इंडियन कंपनी में सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी है. बाकी 24 फीसदी शेयर कांग्रेस नेता मोतीलाल बोरा और ऑस्कर फर्नांडीस के पास था. सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया कि सिर्फ 50 लाख रुपये देकर गांधी परिवार ने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड की 90.25 करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल कर ली.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola