ऑनलाइन यूज्ड बेड बेचते हुए साइबर आपराधियों के चंगुल में फंसा युवक, गंवा बैठा 68 लाख, जानें कैसे
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 15 Dec 2023 1:12 PM
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने जालसाजों के खाते फ्रीज करने के लिए बैंकों को लिखा है. युवक ने हाल ही में ओएलएक्स पर अपने बेड की तस्वीरों के साथ एड पोस्ट किया. इसके बाद वह साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस गया.
साइबर क्राइम की कई खबरें आपने सुनी होगी या पढ़ी होगी लेकिन ये खबर सुनकर आप चौंक जाएंगे. जी हां…खबर बेंगलुरु से है. यहां एक 39 साल के इंजीनियर ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस ओएलएक्स पर एक एड पोस्ट करके एक यूज्ड बेड सेल करने की कोशिश की. यह करना उसे काफी महंगा पड़ गया. दरअसल, इस पूरी प्रक्रिया में वह साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस गया और 68 लाख रुपये गंवा बैठा. पुलिस की मानें तो, शहर में इस तरह से बदमाशों द्वारा उड़ाई गई यह अब तक की सबसे बड़ी रकम है. 9 दिसंबर को एचएसआर लेआउट का युवक पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचा जिसके बाद पुलिस ने Information Technology Act and IPC sections 419 (cheating by personation) and 420 (cheating and dishonestly inducing delivery of property) के तहत मामला दर्ज किया. मामले को लेकर अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) ने खबर प्रकाशित की है.
जालसाजों के खाते फ्रीज करने का प्रयास
मामले को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने जालसाजों के खाते फ्रीज करने के लिए बैंकों को लिखा है. बताया जा रहा है कि युवक ने हाल ही में ओएलएक्स पर अपने बेड की तस्वीरों के साथ एड पोस्ट किया. उसने यूज्ड बेड की कीमत 15,000 रुपये रखी. 6 दिसंबर की शाम करीब 7 बजे उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को इंदिरानगर में फर्नीचर की दुकान का मालिक रोहित मिश्रा बताया…उसने युवक को बताया कि ओएलएक्स पर पोस्ट किये गये एड पर नजर पड़ी. वह बेड खरीदने में इंट्रेसटेड है.
लिंक पर क्लिक करके 68 लाख रुपये गंवा बैठा युवक
बेड खरीदने को लेकर दोनों के बीच मोलभाव किया गया. इसके बाद ऑनलाइन भुगतान करने पर सहमति बनी. बेड के ग्राहक ने इसके बाद युवक से कहा कि वह अपनी यूपीआई आईडी पर पैसे नहीं भेज पा रहा है. उसने युवक से उसे 5 रुपये भेजने के लिए कहा ताकि वह पैसे वापस भेज सके. युवक ने खरीदार के खाते में बदले में, उसके खाते में 10 रुपये भेजे गये. इसके बाद उसने फिर पैसे भेजने में असमर्थता जताई और बेड सेल करने वाले युवक से पैसे ट्रांसफर करने को कहा. इसके बाद युवक लगातार उसके झांसे में आ गया और एक लिंक पर क्लिक करके 68 लाख रुपये गंवा बैठा.
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वह लगातार लिंक भेज रहा था और
इस संबंध में टीओआई से बात करते हुए ठगे गये युवक ने बताया कि वह लगातार लिंक भेज रहा था और उसे अपने खाते में पैसे भेजने के लिए कह रहा था, और कुछ टेक्निकल समस्या का हवाला देकर उसे पैसे भेजने से मना कर दे रहा था. उसने कहा कि मैंने मान लिया कि वह एक व्यापारी था जिसे ऑनलाइन भुगतान करने के बारे में बहुत कम जानकारी थी जिसकी वजह से मैं ठग लिया गया. कुल मिलाकर, 6 दिसंबर को रात 9 बजे से 8 दिसंबर रात 9 बजे के बीच मुझसे 68.6 लाख रुपये ठगने का काम किया गया. जैसे ही उसने और पैसे मांगे, मुझे एहसास हुआ कि यह एक धोखाधड़ी है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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