COVID-19 latest fact : भारत में प्रति घंटे हो रही 16.5 लोगों की मौत, पहली बार 24 घंटे में दस हजार से अधिक नये मामले सामने आये
Author : Rajneesh Anand Published by : Prabhat Khabar Updated At : 12 Jun 2020 1:22 PM
COVID-19 latest fact checks 16.5 people are dying every hour For the first time in India more than ten thousand new cases reported : देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि 24 घंटे में 396 लोगों की मौत हुई है. देश में अब मृतकों की संख्या 8,498 हो गयी है. प्रति घंटे की बात करें तो देश में प्रति घंटे 16. 5 व्यक्ति की मौत हुई.
नयी दिल्ली : देश में कोरोना का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, पिछले 24 घंटे में कोरोना के नये मामले दस हजार से भी ज्यादा हो गये हैं. हालांकि आज भी कोरोना से ठीक होने वालों का आंकड़ा एक्टिव केस से ज्यादा है. देश में कोरोना के एक्टिव केस 1 एक लाख 41 हजार 842 हैं, जबकि स्वस्थ होने वालों का आंकड़ा 1 लाख 47 हजार 194 है. देश में कुल केस दो लाख 97 हजार 535 है. देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि 24 घंटे में 396 लोगों की मौत हुई है. देश में अब मृतकों की संख्या 8,498 हो गयी है. प्रति घंटे की बात करें तो देश में प्रति घंटे 16. 5 व्यक्ति की मौत हुई.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 10,956 नये मामले सामने आये. वर्ल्डोमीटर के मुताबिक कोरोना वायरस के मामलों के लिहाज से बृहस्पतिवार को भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ दुनिया का चौथा सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया. हालांकि लगातार दूसरे दिन स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या अब भी संक्रमित लोगों की तुलना में अधिक रही.
Also Read: लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को पूरी सैलरी मिलेगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला
मंत्रालय ने बताया कि अब भी 1,41,842 लोग संक्रमण की चपेट में हैं जबकि 1,47,194 लोग स्वस्थ हुए हैं और एक मरीज विदेश चला गया है. एक अधिकारी ने बताया, “अब तक 49.47 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो चुके हैं.” संक्रमण के कुल मामलों में संक्रमित विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. झारखंड में कुल मरीजों की संख्या 1607 हो गयी है, जिनमें मरने वालों की संख्या आठ है.
Posted By : Rajneesh Anand
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










