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COVID-19: केरल सरकार ने अगले एक साल के लिए जारी की नयी गाइडलाइंस, लागू होंगे ये नियम

Updated at : 06 Jul 2020 10:42 AM (IST)
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COVID-19: केरल सरकार ने अगले एक साल के लिए जारी की नयी गाइडलाइंस, लागू होंगे ये नियम

coronavirus in india, Coronavirus in Kerala, Coronavirus Kerala Latest News: देश में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के बीच केरल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य ने अपने यहां महामारी क़ानून (एपिडेमिक डिज़ीज़ एक्ट) भी जुलाई, 2021 तक के लिए लागू कर दिया है. प्रशासन को आशंका है कि कोरोना वायरस की समस्या इतनी जल्दी नहीं टलेगी.

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coronavirus in india, Coronavirus in Kerala, Coronavirus Kerala Latest News: देश में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के बीच केरल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य ने अपने यहां महामारी क़ानून (एपिडेमिक डिज़ीज़ एक्ट) भी जुलाई, 2021 तक के लिए लागू कर दिया है. प्रशासन को आशंका है कि कोरोना वायरस की समस्या इतनी जल्दी नहीं टलेगी. इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना जरूरी कर दिया गया है.

साथ ही महामारी रोग अधिनियम के तहत एक साल के लिए अनिवार्य रूप से थूकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इतना ही नहीं वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए हालिया कदम के तहत केरल सरकार ने राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक हफ्ते के लिए एक बार फिर लॉकडाउन का ऐलान किया है. यह लॉकडाउन सोमवार सुबह छह बजे से प्रभाव में आ गया है.

एक साल तक मास्क अनिवार्य

केरल सरकार के गाइडलाइंस के मुताबिक, अगले आदेश तक मास्क लगाने के साथ ही लोगों को सार्वजनिक जगहों और कार्यक्रमों के दौरान 6 फीट की सामाजिक दूरी का भी पालन करना होगा. शादी में 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते. वहीं अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोगों को इजाजत नहीं होगी. नई गाइडलाइन के अनुसार लोग संबंधित अथॅारिटी की लिखित परमिशन के बिना लोग किसी तरह का आयोजन, धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता. वहीं सार्वजनिक जगहों पर थूकना प्रतिबंधित होगा. जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी.

कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा

बीबीसी के मुताबिक, केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा कि हम अभी ये नहीं कह सकते कि कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो चुका है. लेकिन हम इसके काफी करीब हैं. हमें ऐसे कुछ मामलों का पता चला है जहां संक्रमित लोगों ने न तो कहीं यात्रा की थी और न ही किसी के संपर्क में आए थे. ऐसे दो-तीन मामले रोज़ाना हमारे सामने आ रहे हैं.स्वास्थ्य मंत्री शैलजा ने कहा कि एपिमेडिक क़ानून को बढ़ाने की ज़रूरत इसलिए महसूस हुई क्योंकि हमें आशंका है कि कोरोना वायरस अगस्त या सितंबर में ख़त्म नहीं होगा. राष्ट्रीय लॉकडाउन हटने के बाद से केरल में चार लाख 10 हज़ार से ज़्यादा लोग विदेशों से वापस लौटे हैं. इसके अलावा लगभग दो लाख लोग दूसरे राज्यों से भी केरल में आए हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, इनमें से कम से कम 5,000 लोग कोविड-19 पॉज़िटिव निकले हैं. ज़्यादातर कोरोना पॉज़िटिव लोग वो हैं जो विदेशों से या दूसरे राज्यों से आए हैं. अब सिर्फ़ 10-12 मामले ऐसे बचे हैं जिनमें संक्रमण के स्रोत का पता लगाना बाकी है. बता दें कि रविवार को लगातार तीसरे दिन केरल में 200 से ज़्यादा कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए गए थे. इनमें से 117 लोग ऐसे थे जो सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों या रूस से वापस आए थे.

Posted By: Utpal kant

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