सीएम अरविंद केजरीवाल ने विपक्षी दलों को लिखा पत्र, केंद्र के अध्यादेश पर की चर्चा की अपील

Published by : Pritish Sahay Updated At : 21 Jun 2023 11:20 AM

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दिल्ली के सीएम और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 23 जून की पटना बैठक से पहले केंद्र के अध्यादेश पर विपक्षी नेताओं को पत्र लिखा है. अपने पत्र में सीएम केजरीवाल ने विपक्षी दलों से सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्र के अध्यादेश पर चर्चा का अनुरोध किया है.

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केन्द्र के अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का अभियान जारी है. इसी कड़ी में सीएम केजरीवाल ने विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र लिखा है. गौरतलब है कि 23 जून को पटना में गैर-बीजेपी दलों की बैठक से पहले दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण से जुड़े केंद्र के अध्यादेश पर चर्चा का अनुरोध किया है. अरविंद केजरीवाल ने पत्र में लिखा है कि आज जो दिल्ली में हो रहा है, कल वह दूसरे राज्यों में भी हो सकता है.बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए संयुक्त रणनीति बनाने के वास्ते शुक्रवार को विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है.

राज्यसभा में पारित न हो सके अध्यादेश
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने अध्यादेश को लेकर विपक्षी दलों से अपील की है यह अध्यादेश राज्य सभा में पारित न हो सके, उन्होंने कहा कि इस पर प्राथमिकता से चर्चा होनी चाहिए. सीएम केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि केंद्र ने यह अध्यादेश लाकर दिल्ली में एक प्रयोग किया है. उन्होंने कहा कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है, वहां भी इसी तरह के अध्यादेश लाकर केन्द्र राज्यों की शक्तियां छीन लेगा.

केन्द्र पर केजरीवाल ने बोला हमला
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, अगर हालात ऐसे ही रहे तो वह दिन दूर नहीं जब पीएम उपराज्यपालों और राज्यपालों के जरिए देश के 33 राज्यों को चलाएं. गौरतलब है कि केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ अरविंद केजरीवाल विपक्ष को इकट्ठा कर रहे हैं. उन्होंने इस मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन समेत कई दलों के नेताओं से मुलाकात की है.

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क्या है मामला
दरअसल, केंद्र ने 19 मई को दिल्ली में ग्रुप-ए के अधिकारियों के तबादले और पदस्थापना पर एक प्राधिकरण बनाने के लिए अध्यादेश जारी किया था, जिसे आम आदमी पार्टी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ धोखा करार दिया था. शीर्ष अदालत के 11 मई के फैसले से पहले दिल्ली सरकार में सभी अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापना के मामले उपराज्यपाल के कार्यकारी नियंत्रण में थे.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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