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सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने मरने से पहले मांगा था पानी, हेलिकॉप्टर से कूदे थे 3 लोग- प्रत्यक्षदर्शी का दावा

तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर दुर्घटना के बाद जीवित थे जनरल बिपिन रावत. उन्होंने एक राहतकर्मी से पानी मांगा था, लेकिन शिवकुमार उन्हें पानी नहीं पिला पाये. जिंदगी भर शिव को रहेगा मलाल. जानें पूरी कहानी

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
हादसे के बाद हेलीकॉप्टर से कूदे थे तीन लोग. एक ने राहतकर्मी से मांगा था पानी
हादसे के बाद हेलीकॉप्टर से कूदे थे तीन लोग. एक ने राहतकर्मी से मांगा था पानी
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कुन्नूर (तमिलनाडु): हेलिकॉप्टर दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने मरने से पहले पानी मांगा था. तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट बुधवार को हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शी शिवकुमार को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि गंभीर संकट में फंसा सेना का जो अधिकारी उससे पानी मांग रहा है, वह देश के शीर्ष सैनिक और पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत हैं.

ऐसी आशंका है कि हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जनरल रावत गंभीर रूप से घायल हो गये थे, जिसके बाद उनका निधन हो गया. सामाजिक कार्यकर्ता शिवकुमार सबसे पहले दुर्घटनास्थल पर पहुंचने वालों में शामिल थे, जहां बुधवार को सीडीएस रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य को ले जा रहा हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था.

हेलिकॉप्टर में सवार जनरल रावत समेत 13 लोगों की मौत हो गयी जबकि एक व्यक्ति ही जीवित बच पाया. शिवकुमार ने बताया कि दुर्घटना के संबंध में एक रिश्तेदार का फोन आने के बाद वह घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि हेलिकॉप्टर से आग की लपटें निकल रहीं थीं और यह स्पष्ट हो चुका था कि हम सबको नहीं बचा सकते.

उन्होंने कहा कि जलते हुए हेलीकॉप्टर से तीन लोग बाहर कूदे और इलाके में मौजूद लोग घायलों को बचाने के लिए संसाधनों की तलाश में जुट गये. वे एक-एक करके उन्हें बाहर निकालते हुए एम्बुलेंस तक ले गये.

राहतकर्मियों ने बताया- तीन लोग जिंदा थे

शिवकुमार ने कहा, ‘हमने देखा कि उनमें से तीन लोग जिंदा थे. पुलिस निरीक्षक के आने पर भी हमने उन्हें स्थानांतरित करने के लिए कंबल और अन्य उपलब्ध सामग्री का उपयोग किया. हम उन्हें वहां से स्थानांतरित करने की कोशिश में लगे हुए थे. तब मैंने दूसरे व्यक्ति से कहा कि हम बचावकर्ता यहां पहुंच गये हैं और आप शांत हो जाएं, तभी उनमें से एक ने मुझसे थोड़ा पानी देने के लिए कहा.’

शिवकुमार ने कहा कि तीसरा व्यक्ति यह सुन पा रहा था कि बचावकर्ता क्या बोल रहे हैं, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे पाया. इसके बाद सेना के एक अधिकारी ने शिवकुमार को रावत की एक तस्वीर दिखायी और बताया कि वह कौन हैं. शिवकुमार ने कहा, ‘मुझे इस बात से निराशा हुई कि मैं देश की इतनी बड़ी हस्ती को तत्काल पानी नहीं दे पाया.’ उन्होंने कहा कि बाद में बिपिन रावत से जुड़ी वस्तुएं बरामद हुईं. शिवकुमार ने कहा कि पुलिस और रक्षा अधिकारी पहले ही उनसे पूछताछ कर चुके हैं.

एजेंसी इनपुट

Posted By: Mithilesh Jha

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Published Date

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