पाक का साथ देकर 'बेजान' हो जाएंगे तुर्की और अजरबैजान! भारत में उठी बॉयकॉट की मांग, ट्रिप कैंसिल कर रहे लोग

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 14 May 2025 10:30 PM

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Boycott Turkey And Azerbaijan

Boycott Turkey And Azerbaijan: ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ पाकिस्तान का साथ देकर तुर्की और अजरबैजान ने खुद के पैर पर कुल्हाड़ी नहीं, बल्कि कुल्हाड़ी पर अपना पैर रख दिया है. तुर्की ने भारत पर हमला के लिए पाकिस्तान को 300 से अधिक ड्रोन दिए और अपने सैनिक भी भेज दिया. दोनों देशों ने पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारत के हालिया हमलों की निंदा की है. भारत से पंगा लेना दोनों ही देशों को भारी पड़ सकता है. इसका असर भी दिखने लगा है. भारत में तुर्की और अजरबैजान बॉयकॉट की मांग उठने लगी है.

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Boycott Turkey And Azerbaijan: ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ पाकिस्तान का साथ देना तुर्की और अजरबैजान को भारी पड़ सकता है. भारत में दोनों देशों के खिलाफ बॉयकॉट की मांग उठने लगी है. लोग तेजी से अपना ट्रिप कैंसिल कर रहे हैं. भारतीय पर्यटकों ने दोनों देशों में जाने से इनकार कर दिया है. दोनों देशों का वही हाल होने वाला है, जो पर्यटकों के बहिष्कार के बाद मालदीव का हुआ था.

तुर्की और अजरबैजान के 50 प्रतिशत बुकिंग कैंसिल

ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्ष ज्योति मयाल ने बताया, “भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए की गई 50% बुकिंग रद्द हो गई हैं. हमने पर्यटन क्षेत्र में तुर्की और अजरबैजान की बहुत मदद की है और उनका समर्थन किया है. हमें इस बात पर अपनी नाराजगी जाहिर करनी चाहिए कि उन्होंने भारत के साथ कैसा व्यवहार किया है. हम इन देशों की यात्रा का विरोध कर रहे हैं.”

तुर्की और अजरबैजान के खिलाफ ट्रैवल एडवाइजरी जारी

तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का बहिष्कार करने के आह्वान पर, EaseMyTrip के सह-संस्थापक, प्रशांत पिट्टी ने कहा, “जब हमें पता चला कि ये देश गलत पक्ष का समर्थन कर रहे हैं, तो हम तुर्की और अजरबैजान के खिलाफ ट्रैवल एडवाइजरी जारी करने वाले पहले व्यक्ति थे. हमारे बाद, कई ट्रैवल एजेंसियों ने हमारी सलाह को माना.”

पाकिस्तान तुर्की ड्रोन का एक बड़ा खरीदार

पाकिस्तान को तुर्की के सैन्य समर्थन पर, तुर्की में भारत के पूर्व राजदूत संजय पांडा ने कहा, “हमें यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि ऐसा नहीं है कि तुर्की पाकिस्तान को ड्रोन उपहार में दे रहा है. पाकिस्तान तुर्की ड्रोन का एक बड़ा खरीदार है. तुर्की इसका व्यापक रूप से मार्केटिंग करता है. ड्रोन के अलावा, अन्य सैन्य उपकरण भी हैं जो तुर्की वाणिज्यिक आधार पर पाकिस्तान को देता रहा है. पाकिस्तान ने तुर्की से 4 MILGEM श्रेणी के कोरवेट खरीदे हैं. तुर्की से पाकिस्तान को जो भी समर्थन मिला है, वह चीन से मिलने वाले समर्थन की तुलना में बहुत कम है. पिछले साल, उसने तुर्की से लगभग 5-6 मिलियन डॉलर के सैन्य उपकरण खरीदे थे.”

अजरबैजान और तुर्की के लिए बुकिंग में आई 60% की कमी

MakeMyTrip के प्रवक्ता ने बताया, अजरबैजान और तुर्की के लिए बुकिंग में 60% की कमी आई है, जबकि ट्रिप कैंसिल करने में में 250% की वृद्धि हुई है. अपने देश के साथ एकजुटता और अपने सशस्त्र बलों के प्रति गहरे सम्मान के कारण, हम इस भावना का दृढ़ता से समर्थन करते हैं और सभी को अजरबैजान और तुर्की की सभी गैर-जरूरी यात्राओं के खिलाफ सलाह देते हैं. हमने अपने प्लेटफॉर्म पर तुर्की और अजरबैजान को लेकर सभी प्रचार और ऑफर पहले ही बंद कर दिए हैं.

तुर्की में भूकंप आया था, तो भारत ने किया था सपोर्ट

तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का बहिष्कार करने के आह्वान पर चैंबर ऑफ कॉमर्स की पर्यटन समिति के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब तुर्की में भूकंप आया था, तो हमने वहां बहुत मदद की थी. हमने अपने डॉक्टर, डॉग स्क्वॉड और मेडिकल स्क्वॉड भी भेजे थे. हमने इसे ऑपरेशन दोस्त नाम दिया था. हम सोच भी नहीं सकते थे कि तुर्की ऐसा कदम उठाएगा और वह हमारे दुश्मन के साथ मिलकर सब कुछ करेगा. ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया और बाकी ट्रैवल एसोसिएशन ने तुर्की और अजरबैजान के बहिष्कार का समर्थन किया है.”

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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