मध्यप्रदेश: आदिवासी शख्स को गोली मारकर भागा बीजेपी विधायक का बेटा, पुलिस ने रखा 10,000 रुपये का इनाम

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 06 Aug 2023 10:25 AM

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पुलिस की ओर से जो जानकारी दी गयी है उसके अनुसार, खैरवार की दाहिनी कलाई में गोली लगी है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत में सुधार हो रहा है.

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Madhya Pradesh News : मध्यप्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले प्रदेश में आदिवासी हित का मुद्दा कांग्रेस जोरों से उठा रही है. अभी सीधी कांड से बीजेपी का पीछा छूटा ही था कि अब सिंगरौली की घटना ने पार्टी की टेंशन बढ़ा दी है. दरअसल, यहां दो दिन पहले आदिवासी समुदाय के एक व्यक्ति को गोली मारकर घायल कर फरार होने वाले आरोपी तथा बीजेपी विधायक के बेटे के बारे में सूचना देने वाले को 10,000 रुपये का नकद इनाम देने का ऐलान किया गया है. पुलिस के एक अधिकारी की ओर से इस बाबत जानकारी दी गयी है.

मामले को लेकर अधिकारी ने बताया कि सिंगरौली विधायक राम लल्लू वैश्य के बेटे विवेकानंद वैश्य (40) ने मोरबी पुलिस थाना क्षेत्र के तहत गुरुवार की शाम आदिवासी समुदाय के सूर्य कुमार खैरवार को कथित तौर पर गोली मार कर घायल कर दिया. पुलिस ने बताया कि इस मामले में विवेकानंद पर हत्या का प्रयास सहित भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं एवं शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज करने का काम किया गया है.

खैरवार की दाहिनी कलाई में लगी गोली

पुलिस की ओर से जो जानकारी दी गयी है उसके अनुसार, खैरवार की दाहिनी कलाई में गोली लगी है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत में सुधार हो रहा है. सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक यूसुफ कुरैशी ने बताया कि शुक्रवार शाम को आरोपी विवेकानंद की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 10,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गयी है. हम (पिछले साल 20 जुलाई की गोलीबारी की घटना में) विवेकानंद की जमानत रद्द कराने के लिए सोमवार को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में भी याचिका दायर करेंगे.

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पुलिस के अनुसार, पिछले साल 20 जुलाई को मोरबा पुलिस थाना इलाके में विवेकानंद ने वन रक्षक संजीव शुक्ला को कथित तौर पर पीटा था और उसे डराने के लिए गोली भी चलाई थी. इसके बाद उसपर कर्रवाई की गयी थी. आरोपी अभी जमानत पर जेल से बाहर था. इस बीच उसने फिर एक आदिवासी युवक को निशाना बनाया.

सीधी कांड के बाद क्या हुआ

सीधी कांड अभी भी लोग भूल नहीं पाये हैं. जी हां…बीजेपी नेता प्रवेश शुक्ल पर एक आदिवासी युवक पर पेशाब करने का आरोप लगा है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रदेश की शिवराज सरकार एक्शन में आयी. आरोपी बीजेपी नेता प्रवेश शुक्ल को गिरफ्तार करने के बाद उस पर NSA की तहत धराएं लगाई गयी. मध्य प्रदेश के सीधी से एक वीडियो वायरल हुआ जिसके बाद राजनीति गरम हो गयी और कांग्रेस के दिग्गजों ने बीजेपी को घेरा. इस वीडियो में युवक गरीब और बेसहारा शख्स के ऊपर पेशाब करते हुए सिगरेट भी फूंकता नजर आ रहा है. आरोपित का नाम प्रवेश शुक्ला है, जो खुद को विधायक प्रतिनिधि बताता है. मामले पर कांग्रेस हमलावर हुई तो प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित के पैर धोये जिसका फोटो और वीडियो भी सामने आया.

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मध्य प्रदेश में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव

यहां चर्चा कर दें कि मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले कांग्रेस सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है. कांग्रेस अपने कोर वोटर यानी आदिवासी वोट बैंक पर खास फोकस कर रही है. पिछले चुनाव में कांग्रेस पंद्रह साल बाद सत्ता पर काबिज हुई थी. हालांकि इसके बाद मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिंया ने कांग्रेस से बगावत कर दी जिससे कमलनाथ सरकार गिर गयी और शिवराज सिंह चौहान फिर प्रदेश के सीएम बने.

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उल्लेखनीय है कि मध्‍य प्रदेश में कुल 47 विधानसभा सीट आदिवासियों के लिए आरक्षित रखी गयी है. इसके अलावा इन्हें मिलाकर 84 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां आदिवासी वोट का प्रभाव साफ नजर आता है. इसे साधने में बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस भी लगी हुई है.

भाषा इनपुट के साथ

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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