...तो क्या सीएम योगी के करीबी को बीजेपी राजस्थान में बनाएगी मुख्यमंत्री ? जानें कौन हैं वह

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 03 Dec 2023 6:41 AM

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बाबा बालकनाथ उसी नाथ संप्रदाय के महंत हैं, जिससे योगी आदित्यनाथ जुड़े हैं और उनको बीजेपी ने यूपी का सीएम बनाकर सबको चौंका दिया था. पढ़ें सीएम फेस को लेकर हुए सर्वे से क्या आया सामने

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राजस्थान के साथ-साथ देश के लोगों को आज के दिन का इंतजार था जब मतों की गणना की जा रही है. आज साफ हो जाएगा कि राजस्थान में किस पार्टी की सरकार बनेगी. इससे पहले जो एग्जिट पोल सामने आए हैं उसमें बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर बताई गई है. इस बीच सूबे में एक नाम की चर्चा लोगों के बीच जोरों से हो रही है. जी हां…यह नाम है योगी बालकनाथ…दरअसल, आजतक Axis My India Exit Poll की ओर से सीएम फेस को लेकर एक सर्वे कराया गया जिसके बाद बालकनाथ ट्रेंड में आ गये और सब चौंक गये. सर्वे में में जब लोगों से मुख्यमंत्री को लेकर सवाल पूछा गया तो उनकी पहली पसंद अशोक गहलोत थे. 32% लोग गहलोत को एक बार फिर सीएम के पद पर देखना चाहते हैं. सीएम पद के लिए दूसरे नंबर पर लोगों की पसंद महंत योगी बालकनाथ हैं. सर्वे में दस प्रतिशत लोगों ने उनके नाम पर सहमति जताई है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष से तिजारा से बीजेपी उम्मीदवार और सांसद बालकनाथ ने मुलाकात की है. इस खबर के बाद इस बात को और हवा मिल गई है कि यदि राजस्थान में बीजेपी सत्ता पर काबिज होती है तो पार्टी की ओर से बालकनाथ को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी जा सकती है.

जानें कौन हैं बालकनाथ योगी?

महंत बालकनाथ योगी की बात करें तो वे अलवर से सांसद हैं. बीजेपी की ओर से उन्हें तिजारा विधानसभा से चुनाव मैदान में उतारा है. बीजेपी के फायरब्रांड नेताओं में बाबा बालकनाथ का नाम लिया जाता है और उनका पहनावा योगी आदित्यनाथ के जैसा ही है. यही वहज है कि उन्हें लोग राजस्थान के योगी की भी संज्ञा दे चुके हैं. बाबा बालकनाथ की अलवर और उसके आसपास के इलाकों में अच्छी पकड़ है जिस कारण बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में उनपर भरोसा इस बार ज्यादा किया है. बीजेपी अपने हिंदुत्ववादी एजेंडे के साथ चुनावी मैदान में उतरी थी और बालकनाथ इस एजेंडे में पूरी तरह से फिट बैठते हैं. यदि आपको याद हो तो विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान में बीजेपी ने अपनी इकाई का ऐलान किया था. इस वक्त उन्हें उपाध्यक्ष का पद सौंपा था.

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योगी आदित्यनाथ के बताए जाते हैं करीबी

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह बालकनाथ भगवा कपड़े में नजर आते हैं. बाबा बालक नाथ की बात करें तो उन्होंने 2019 में पहला लोकसभा चुनाव जीता. इस चुनाव में बीजेपी के इस कद्दावर नेता ने कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह को 3 लाख से ज्यादा वोटों से पराजित किया था. बाबा बालकनाथ उसी नाथ संप्रदाय के महंत हैं, जिससे योगी आदित्यनाथ जुड़े हैं और उनको बीजेपी ने यूपी का सीएम बनाकर सबको चौंका दिया था.

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राजस्थान के लोग कांग्रेस से चाहते हैं मुक्ति

राजस्थान में 25 नवंबर को हुए मतदान पर एग्जिट पोल के नतीजों ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं में सरकार बनाने की उत्सुकता बढ़ा दी है. अब तक सामने आए चार एग्जिट पोल में से सभी में बीजेपी को बढ़त बताई जा रही है. वहीं, सत्तारूढ़ कांग्रेस 60 से 90 सीट पर सिमटती दिख रही है. कुछ एग्जिट पोल में बीजेपी और कांग्रेस की टक्कर दिखाई गई है. एग्जिट पोल के बाद तिजारा से बीजेपी उम्मीदवार और सांसद बालकनाथ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजस्थान के लोग कांग्रेस से मुक्ति चाहते हैं. बीजेपी राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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