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Arunachal Pradesh: भारत-चीन सीमा से लापता हुए दो युवकों की तलाश जारी, पुलिस ने दर्ज किए 2 अलग-अलग मामले

Updated at : 16 Oct 2022 6:37 PM (IST)
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Arunachal Pradesh: भारत-चीन सीमा से लापता हुए दो युवकों की तलाश जारी, पुलिस ने दर्ज किए 2 अलग-अलग मामले

Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा से सटे चागलगाम इलाके से कथित तौर पर लापता हुए दो युवकों की तलाश की जा रही है. अंजाब जिले के पुलिस अधीक्षक राइक कामसी ने कहा कि हमने 2 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं.

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Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा से सटे चागलगाम इलाके से कथित तौर पर लापता हुए दो युवकों की तलाश की जा रही है. अंजाब जिले के पुलिस अधीक्षक राइक कामसी ने कहा कि हमने 2 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. इसके साथ ही हमने उनके परिवारों, रिश्तेदारों से बातचीत की है. उन्होंने कहा कि दोनों 19 अगस्त को घर से निकले थे. किसी ने उन्हें आखिरी बार 24 अगस्त को देखा था. पुष्टि नहीं हुई कि उन्हें आखिरी बार किसने देखा था या उन्हें आखिरी बार कहां देखा गया था. कहा जा रहा है कि यह चागलगाम क्षेत्र था.

तलाश में जुटी पुलिस

बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा से सटे अंजाव जिले के दुइलियांग के रहने वाले दो युवकों बेटिलम टिकरो और बेइंग्सो मन्यु के परिवार के सदस्य 24 अगस्त को उनके लापता होने के बाद से ही दोनों की तलाश के लिए सरकार से मदद मांग रहे हैं. वहीं, पुलिस ने कहा है कि अगस्त में चागलगाम इलाके से कथित तौर पर लापता हुए दोनों युवकों की तलाश की जा रही है.


पुलिस ने दी ये जानकारी

पुलिस के एक अधिकारी ने परिवार के सदस्यों का हवाला देते हुए बताया कि अंजाव जिले के दुइलियांग गांव के रहने वाले बेटिलम टिकरो और उसका दोस्त बेइंग्सो मन्यु 19 अगस्त को औषधीय जड़ी-बूटियों की तलाश में और एलएसी (LAC) के निकट पहाड़ों पर शिकार करने के लिए घर से निकले थे. हालांकि, बेटिलम के छोटे भाई दिशांसो चिक्रो ने दावा किया कि दोनों को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने हिरासत में ले लिया होगा. चिक्रो ने कहा कि हमें संदेह है, उन्होंने अनजाने में एलएसी पार कर ली होगी और पीएलए ने उन्हें हिरासत में ले लिया होगा. हम बेहद चिंतित हैं.

राज्य सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

अंजाब जिले के पुलिस अधीक्षक राइक कामसी ने कहा कि हम गवाहों, परिवार के सदस्यों और सीमा के पास रहने वाले ग्रामीणों से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राज्य सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेंगे. हालांकि, स्थानीय लोगों के लिए औषधीय जड़ी-बूटियों की तलाश में जंगलों में जाना आम बात है.

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Samir Kumar

लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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