2024 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता को तगड़ा झटका, अजित पवार की बगावत ने बिगाड़ा खेल
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 02 Jul 2023 6:43 PM
महाराष्ट्र की सरकार में डिप्टी सीएम बनने के साथ ही अजित पवार ने एनसीपी पर अपना दावा ठोक दिया है. उन्होंने दावा किया है कि उनके समर्थन में 40 से अधिक विधायक हैं. उन्होंने खुद को असली एनसीपी बताया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, हमने पार्टी के साथ महाराष्ट्र सरकार का समर्थन किया है.
महाराष्ट्र में उठी सियासी तूफान ने विपक्षी एकता को हिला कर छोड़ दिया है. अजित पवार ने एनसीपी से बगावत और एनडीए में शामिल होकर विपक्षी एकता के खेल को बिगाड़कर छोड़ दिया है. एक ओर जहां देश की सभी विपक्षी पार्टियां एक मंच पर जुटने की कोशिश में लगी हैं, दूसरी ओर महागठबंधन की अहम कड़ी माने जाने वाले शरद पवार की पार्टी में ही फूट पड़ गयी है. उनके भतीजे अजित पवार पार्टी से बगावत कर एकनाथ शिंदे सरकार में डिप्टी सीएम बन गये हैं.
अजित पवार ने एनसीपी पर डोका दावा
महाराष्ट्र की सरकार में डिप्टी सीएम बनने के साथ ही अजित पवार ने एनसीपी पर अपना दावा ठोक दिया है. उन्होंने दावा किया है कि उनके समर्थन में 40 से अधिक विधायक हैं. उन्होंने खुद को असली एनसीपी बताया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, हमने पार्टी के साथ महाराष्ट्र सरकार का समर्थन किया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी चुनाव एनसीपी के नाम पर ही लड़ेंगे.
कांग्रेस को समर्थन करना शरद पवार को पड़ा भारी
अजित पवार के एनडीए में शामिल होने के पीछे सबसे बड़ी वजह शरद पवार का कांग्रेस को समर्थन करना बताया जा रहा है. चर्चा है कि शरद पवार के इस कदम से अजित पवार और एनसीपी के अन्य नेता नाराज थे. चर्चा ये भी है कि एनसीपी के अधिकतर नेता यह नहीं चाहते थे कि राहुल गांधी को विपक्षी दलों की ओर से पीएम पद का उम्मीदवार बनाया जाए. इसके साथ ही एनसीपी के कई नेता पहले से ही बिजेपी और एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होना चाहते थे, लेकिन इसके लिए शरद पवार की हरी झंडी मिलना जरूरी था.
महाराष्ट्र में विपक्ष को झटका
अजित पवार के एनडीए में जाने से एनसीपी में टूट की संभावना बढ़ गयी है. अजित पवार ने पार्टी पर दावा ठोक दिया है, तो शरद पवार ने कहा कि वह पार्टी को फिर से मजबूत करेंगे. ऐसे बगावत वो पहले भी देख चूके हैं. शरद पवार भले ही पार्टी को फिर से खड़ा करने की बात कर रहे हैं, लेकिन भतीजे अजित पवार ने उन्हें इस बार ऐसा झटका दिया है, जिससे उन्हें उबरने में काफी समय लगेगा. इस सियासी तूफान से महाराष्ट्र में विपक्ष को तगड़ा झटका लगा है. महाराष्ट्र में लोकसभा की कुल 48 सीटें हैं. अगर विपक्ष से एनसीपी बाहर निकल जाती है, तो बिजेपी के लिए बड़ी राहत की खबर होगी. दूसरी ओर से विपक्षी एकता को बड़ा झटका लगेगा.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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