मणिपुर मुद्दे का जल्द हल नहीं किया गया तो देश की सुरक्षा के लिए बन जाएगा खतरा, अधीर रंजन चौधरी ने चेताया

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 30 Jul 2023 12:51 PM

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विपक्ष दलों के 21 सांसदों का एक प्रतिनिधमंडल जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए शनिवार को मणिपुर पहुंचा था और उसने राज्य में लगभग तीन महीने से जारी जातीय संघर्ष के पीड़ितों से मुलाकात की.

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कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को कहा कि अगर मणिपुर में जातीय संघर्ष की समस्या को जल्द हल नहीं किया जाता है, तो इससे देश के लिए सुरक्षा समस्याएं पैदा हो सकती हैं. विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के सांसदों ने मणिपुर का दौरा करने के बाद राज भवन में राज्यपाल अनसुइया उइके से मुलाकात की और उन्हें पूर्वोत्तर राज्य के मौजूदा हालात पर एक ज्ञापन सौंपा.

मणिपुर की स्थिति पर संसद में रिपोर्ट पेश करेंगे विपक्षी सांसद

बैठक के बाद राज भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा, राज्यपाल ने हमारी बातें सुनीं और उन पर सहमति जताई. उन्होंने हिंसा की घटनाओं पर दुख व्यक्त किया और कहा कि समुदायों के बीच अविश्वास खत्म करने के लिए सभी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल को लोगों से बातचीत करने के वास्ते मणिपुर का दौरा करना चाहिए. अधीर ने बताया कि सांसदों ने मणिपुर में जो स्थिति देखी, उसके बारे में संसद में एक रिपोर्ट पेश करेंगे. उन्होंने कहा, हमने हर दिन बिगड़ते हालात के बीच संसद में मणिपुर पर चर्चा का अनुरोध किया है.

I.N.D.I.A के नेताओं ने मणिपुर में शांति स्थापित करने की अपील की

I.N.D.I.A का प्रतिनिधिमंडल गठबंधन ने आज मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उनसे सभी प्रभावी कदम उठाते हुए शांति और सद्भाव बहाल करने का अनुरोध किया गया. ज्ञापन में कहा गया, आपसे यह भी अनुरोध है कि आप केंद्र सरकार को पिछले 89 दिनों से मणिपुर में कानून और व्यवस्था के पूरी तरह से खराब होने के बारे में अवगत कराएं ताकि उन्हें शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मणिपुर में अनिश्चित स्थिति में हस्तक्षेप करने में सक्षम बनाया जा सके.

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विपक्ष दलों के 21 सांसदों ने किया मणिपुर का दो दिवसीय दौरा

गौरतलब है कि विपक्ष दलों के 21 सांसदों का एक प्रतिनिधमंडल जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए शनिवार को मणिपुर पहुंचा था और उसने राज्य में लगभग तीन महीने से जारी जातीय संघर्ष के पीड़ितों से मुलाकात की. दो-दिवसीय दौरे के पहले दिन प्रतिनिधिमंडल इंफाल के अलावा बिष्णुपुर जिले के मोइरांग और चुराचांदपुर में कई राहत शिविरों में गया तथा जातीय संघर्ष से प्रभावित लोगों से मुलाकात की.

विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में ये नेता शामिल

इस प्रतिनिधिमंडल में अधीर और लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई के अलावा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुष्मिता देव, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की महुआ माजी, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोई, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के जयंत चौधरी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मनोज कुमार झा, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एन के प्रेमचंद्रन, जनता दल (यूनाइटेड) के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं अनिल प्रसाद हेगड़े, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के संदोश कुमार और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के ए ए रहीम भी शामिल हैं.

क्या है मामला

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मणिपुर की आबादी में मैतेई समुदाय के लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं. वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासियों की आबादी 40 प्रतिशत है और वे ज्यादातर पर्वतीय जिलों में रहते हैं.

I.N.D.I.A पार्टियों के विपक्षी सांसदों के मणिपुर दौरे पर बीजेपी ने कसा तंज

I.N.D.I.A पार्टियों के विपक्षी सांसदों के मणिपुर दौरे पर बीजेपी नेता अजय आलोक ने तंज कसा है. उन्होंने कहा, I.N.D.I.A का प्रतिनिधिमंडल मणिपुर कुछ करने नहीं गया है, बल्कि वहां पर्यटन के लिए गया है. घटना पर संसद में चर्चा करते, तो एक संदेश निकलकर सामने आता, मणिपुर की जनता को लगता कि उनकी बातों को सुना जा रहा है. वे संसद में चर्चा नहीं कर सकते, वे मणिपुर में क्या मूल्यांकन करेंगे? राहुल गांधी भी गये थे न एक महीना पहले. केवल एक समुदाय के लोगों से मिलकर आ गये, ये जख्म पर मरहम लगाना हुआ क्या? जख्म को भी चुनेंगे कि किसी पर मरहम लगाना है और किसपर नहीं. अजय आलोक ने आगे कहा, अरे जाइये, कुकी और मैतेई समुदाय के लोगों से मिलिए और उनको समझाइये कि वे जो कर रहे हैं, उससे कुछ होने वाला नहीं है. लेकिन ऐसा उन्हें करना नहीं है, उन्हें तो अपनी राजनीति चमकानी है.

अनुराग ठाकुर बोले- ‘इंडिया’ के सदस्यों का मणिपुर दौरा महज दिखावा

कोलकाता में भाजपा के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ‘इंडिया’ के सदस्यों का मणिपुर दौरा महज दिखावा है. उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस नेता अधीर रंजन से अनुरोध करता हूं कि वे इसी प्रतिनिधिमंडल को पश्चिम बंगाल लेकर आएं, जहां महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं. सवाल किया कि क्या ‘इंडिया’ गठबंधन राजस्थान का दौरा करेगा, जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं. वहीं, मोहाली में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मणिपुर मुद्दे पर विपक्षी दल संसद में बहस नहीं चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई की गयी है, यह तब पता चलेगा जब विपक्षी दलों द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में चर्चा होगी.

पूर्व सेना प्रमुख जनरल ने मणिपुर हिंसा के पीछे विदेशी हाथ होने के दिये संकेत

शुक्रवार को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने कहा था कि मणिपुर हिंसा में विदेशी एजेंसियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता.

सीबीआइ ने जांच अपने हाथ में ली

सीबीआइ ने मणिपुर में चार मई को भीड़ द्वारा दो महिलाओं का कथित यौन उत्पीड़न किये जाने संबंधी उस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है, जिसका वीडियो इस महीने की शुरुआत में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह मामला सीबीआइ को सौंपा गया है.

म्यांमार से आने वाले अवैध शरणार्थियों की बायोमेट्रिक जांच की तैयारी

राज्य में म्यांमार से अवैध तरीके से आने वाले लोगों की बायोमेट्रिक जांच की जायेगी. इसके बाद उनका डाटा यूआइडीएआइ से जोड़ दिया जायेगा. इसके पीछे सरकार का लक्ष्य है कि जो भी विदेशी प्रवासी देश में दाखिल हो रहे हैं, वो देश की चुनावी प्रक्रिया में शामिल न हो सकें. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गृह मंत्रालय के निर्देश पर इस अभियान की शुरुआत की गयी है.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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