Nibhaya Rape Case : निर्भया के दोषियों ने फांसी से बचने के लिए खटखटाया अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट (ICJ) का दरवाजा

Author : ArbindKumar Mishra Published by : Prabhat Khabar Updated At : 16 Mar 2020 6:48 PM

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निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च को सुबह 5:30 में फांसी दिया जाएगा.

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नयी दिल्‍ली : 2012 निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चार दोषियों में से तीन दोषियों ने अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट (ICJ) का दरवाजा खटखटाया है. चारों दोषियों में से अक्षय, पवन और विनय ने फांसी पर रोक लगाने की मांग को लेकर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) से संपर्क किया.

तीनों दोषियों ने आईसीजे को पत्र लिखकर फांसी टालने की अपील की. साथ ही मांग की है कि निचली अदालत के सभी रिकॉर्ड अदालत अपने पास मंगाए ताकि वो अपना पक्ष अंतरराष्ट्रीय अदालत में रख सके. पत्र नीदरलैंड के दूतावास को दिया गया है. दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि फांसी की सजा के खिलाफ दुनियाभर के विभिन्‍न संगठनों ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया है.

दोषियों के वकील ने कहा, निर्भया मामले में दुनियाभर के लोग इंट्रेस्‍ट ले रहे हैं. उन्‍होंने कहा, विदेशों में बसे लोगों को भारतीय न्‍याय व्‍यवस्‍था पर भरोसा नहीं है, इसलिए उन्‍होंने अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट को दरवाजा खटखटाया है. हालांकि एपी सिंह ने कहा कि निर्भया के चारों दोषियों और उनके परिवारवालों को भारतीय न्‍याया व्‍यवस्‍था पर भरोसा है. निर्भयों के दोषियों के परिवार वाले चाहते हैं कि राष्‍ट्रपति चारो को इच्‍छामृत्‍यु की इजाजत दें.

मालूम हो आईसीजे केवल दो या दो से अधिक देशों के विवाद पर सुनवाई करता है. जानकारों का मानना है कि चूंकी निर्भया का मामला व्‍यक्तिगत है, इसलिए कम ही उम्मीद है कि आईसीजे इस मामले में सुनवाई करेगी.

दूसरी ओर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को सभी कानूनी विकल्पों को बहाल करने का अनुरोध करने वाली निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्याकांड के दोषी मुकेश सिंह की याचिका सोमवार को खारिज कर दी.

मौत की सजा पाने वाले चार दोषियों में से एक मुकेश ने न्यायालय में याचिका दायर करके अनुरोध किया था कि उसके सभी कानूनी विकल्पों को बहाल किया जाए क्योंकि उसके पुराने वकील ने उसे गुमराह किया था; न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह ने कहा कि मुकेश सिंह की याचिका विचारणीय नहीं है.

गौरतलब है कि निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च को सुबह 5:30 में फांसी दिया जाएगा. फांसी से बचने के लिए दोषी लगातार हथकंडा अपना रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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