नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट लिखने पर तबलीगी जमात ने की थी उमेश कोल्हे की हत्या, एनआईए का दावा

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नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट लिखने पर तबलीगी जमात ने की थी उमेश कोल्हे की हत्या, एनआईए का दावा

अमरावती के दवा विक्रेता उमेश कोल्हे की हत्या तबलीगी जमात के लोगों ने आतंक फैलाने के लिए की थी. चार्जशीट में एनआईए ने दावा किया है कि उमेश कोल्हे का कोई आपराधिक बैकग्राउंड नहीं है.

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Umesh Kolhe murder case : उमेश कोल्हे की हत्या एक साधारण मर्डर केस नहीं है, यह एक सुनियोजित साजिश के तहत की गयी हत्या है. एनआईए ने उमेश कोल्हे की हत्या मामले में दाखिल चार्जशीट में इस बात का जिक्र किया है कि यह धार्मिक कट्टरवादी युवकों द्वारा आतंक फैलाने के लिए की गयी साजिश है, जिसके पीछे तबलीगी जमात का हाथ है.

तबलीगी जमात ने आतंक फैलाने के लिए की थी हत्या

गौरतलब है कि अमरावती के दवा विक्रेता उमेश कोल्हे की हत्या तबलीगी जमात के लोगों ने आतंक फैलाने के लिए की थी. चार्जशीट में एनआईए ने दावा किया है कि उमेश कोल्हे का कोई आपराधिक बैकग्राउंड नहीं है. उनका किसी के साथ कोई विवाद भी नहीं था.


नुपूर शर्मा के समर्थन में लिखा था पोस्ट

एनआईए ने चार्जशीट में दावा किया है कि उमेश कोल्हे ने नुपूर शर्मा के समर्थन में एक व्हाट्‌सएप पोस्ट डाला था, जिसकी वजह से उनकी हत्या हुई है. ज्ञात हो कि नुपूर शर्मा का समर्थन करने के बाद राजस्थान के उदयपुर में भी एक दर्जी की गला काटकर कुछ इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हत्या कर दी थी.

भाजपा ने पार्टी से निकाला

ज्ञात हो कि पूर्व भाजपा नेत्री नुपूर शर्मा ने एक टीवी शो के दौरान इस्लाम के बारे में कुछ विवादित टिप्पणी की थी जिसके बाद उनके खिलाफ बयानबाजी का दौर चला था. कुछ लोग उनके समर्थन में तो कुछ लोग उनके विरोध में खड़े हुए थे. नुपूर शर्मा पर कार्रवाई करते हुए भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था.

नवनीत राणा ने कड़ी सजा की मांग की

अमरावती की सांसद नवनीत राणा ने एनआईए के दावे पर प्रतिक्रिया दी कि जो लोग भी हत्याकांड में शामिल हैं उन्हें कड़ी सजा दी जाये. उन्होंने कहा कि अब समय बदल गया है और जो लोग ये सोचते थे कि वे अपराध करके बच जायेंगे उन्हें समझ लेना चाहिए कि वे सफल नहीं होंगे.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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