उद्धव ठाकरे को एक और झटका, एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत

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उद्धव ठाकरे को एक और झटका, एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए. शिवसेना में शामिल होने के बाद भूषण ने कहा था कि बालासाहेब उनके भगवान हैं. एकनाथ शिंदे हिंदुत्व के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं.

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उद्धव ठाकरे को एकनाथ शिंदे गुट से एक के बाद एक झटका लग रहा है. पार्टी और चुनाव चिह्न छीनने के बाद उद्धव गुट से नेताओं का पलायन जारी है. एक के बाद एक नेता उद्धव को छोड़कर एकनाथ शिंदे खेमे में जा रहे हैं. पिछले दिनों भूषण देसाई ने शिंदे गुट को ज्वाइन किया था, अब पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ दीपक सावंत सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए.

उद्धव के वफादार सुभाष देसाई का पुत्र शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए. शिवसेना में शामिल होने के बाद भूषण ने कहा था कि बालासाहेब उनके भगवान हैं. एकनाथ शिंदे हिंदुत्व के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं.

बेटे के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद आया था पिता का बयान

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रमुख सहयोगी देसाई (80) ने इस घटनाक्रम को चिंताजनक बताते हुए कहा कि उनके बेटे के कदम से पार्टी और ठाकरे परिवार के प्रति उनकी वफादारी में कोई बदलाव नहीं आएगा. देसाई ने सत्ताधारी संगठन में अपने बेटे के शामिल होने को तवज्जो नहीं देने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि भूषण देसाई की राजनीति या शिवसेना (यूबीटी) में कोई भूमिका नहीं थी.

Also Read: आय से अधिक संपत्ति मामला: उद्धव ठाकरे और उनके परिवार को बड़ी राहत, कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर ठोका जुर्माना

चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे गुट को माना असली शिवसेना

गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने हाल में पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ शिंदे नीत खेमे को आवंटित किया था. चुनाव आयोग के फैसले के बाद उद्धव ठाकरे गुट के लिए बुरी खबर आने का सिलसिला जारी है. हालांकि उद्धव ने चुनाव आयोग के फैस���े को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. लेकिन फैसले पर रोक लगाने से कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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