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एनओसी मिलने के बाद भी नहीं शुरू हुआ डंपिंग यार्ड का निर्माण कार्य

Updated at : 05 Sep 2025 3:50 PM (IST)
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एनओसी मिलने के बाद भी नहीं शुरू हुआ डंपिंग यार्ड का निर्माण कार्य

एनओसी मिलने के दो वर्ष बाद भी नगर पंचायत में कूड़ा डंपिंग के लिए यार्ड का निर्माण कार्य शुरू नही हो सका.

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कोचस. कोचस के तत्कालीन सीओ ने वर्ष 2023 में ही नगर क्षेत्र में डंपिंग यार्ड निर्माण के लिए एनओसी दे दिया था. लेकिन, एनओसी मिलने के दो वर्ष बाद भी नगर पंचायत में कूड़ा डंपिंग के लिए यार्ड का निर्माण कार्य शुरू नही हो सका. ऐसे में शहर से एकत्रित कूड़े-कचरे को सड़क किनारे फेंका जा रहा है. जहां, हल्की बारिश होने के बाद ही कूड़ा सड़कों पर फैल जाता है और धूप निकलने के बाद कचरे से दुर्गंध निकलने लगती है. इससे उस रास्ते से आने-जाने वाले राहगीरों को नाक बंद कर गुजरना पड़ता है. कांग्रेस नेता सुरेंद्र दुबे, सतीश कुमार, धर्मेंद्र पासवान, रवि पासवान, कन्हैया यादव, रामप्रवेश सिंह यादव, पिंटू खान, सुगन केसरी, विजय यादव, विपिन दुबे आदि लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के गठन का 11 वर्ष बीत गया. इसके बाद भी बाजार में डंपिंग यार्ड का निर्माण नहीं होना नगर प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है. नगरवासियों के अनुसार, शहर के सभी 16 वार्डों से वाहन के जरिए घर-घर और सार्वजनिक स्थलों से कूड़े-कचरे एकत्रित कर इसे आरा-मोहनिया राष्ट्रीय राजमार्ग 319 स्थित लकड़ी मोड़ के समीप बहटूटियां जाने वाली सड़क के किनारे खुले में फेंक दिया जाता है. इससे कुड़े के सड़ांध से एनएच 319 से गुजरने वाले यात्रियों व आसपास में स्थित घरों समेत बहटूटियां जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानियां होती है. एकत्रित कचरे में आग लगाने से पर्यावरण प्रदूषित स्थानीय लोगों के अनुसार नगर प्रशासन की लापरवाही यहीं तक सीमित नहीं है, प्रतिदिन शहर से एकत्रित कचरे की ढेर में आग लगा दी जाती है. इससे निकलते धुएं पर्यावरण को प्रदूषित कर लोगों में तरह-तरह की बीमारियों का संक्रमण फैला रहा है. कचरे के ढेर से निकले धुएं के कारण कुछ घंटों तक यह क्षेत्र धुएं से धुंधला हो जाता है. ऐसे में उस रास्ते से आने जाने वाले राहगीरों का आंख खराब होने का खतरा बना रहता है और धुआं के कारण एनएच पर दुर्घटना होने की भी संभावना बनी रहती है. नगर प्रशासन के उदासीन रवैया के कारण वर्षों बाद भी कचरे की दुर्गंध और धुएं के प्रदूषण से स्थानीय लोगों को मुक्ति नहीं मिल पायी है. क्या कहते हैं अधिकारी:- शहर में डंपिंग यार्ड निर्माण के लिए बहटूटियां गांव के समीप भूमि को चिह्नित कर लिया गया है. नगर पंचायत में बोर्ड का गठन नहीं होने से निर्माण कार्य की स्वीकृति नहीं मिल पायी है. नये बोर्ड के गठन के साथ ही सदन से स्वीकृति प्राप्त कर निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. प्रीति आर्या, सहायक लोक स्वच्छता पदाधिकारी, नगर पंचायत कोचस ——-डंपिंग यार्ड नहीं होने से सड़क किनारे खुले में फेंका जा रहा कूड़ा-कचरा बारिश में कचरे के ढेर से निकलती है दुर्गंध, राहगीरों को होती है परेशानी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG SHARAN

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By ANURAG SHARAN

ANURAG SHARAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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