Business News Update: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 480.57 अंक की बढ़त के साथ बंद
Business News Update: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन ग्लोबल मार्केट में तेजी के संकेत मिल रहे हैं. एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी हरे निशान में ट्रेड कर रहे. GIFT Nifty मजबूती के साथ खुला और 19500 के करीब ट्रेड कर रहा है. हालांकि, अमेरिकी बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था. साउदी अरब और रूस के कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के बाद, दाम में करीब तीन प्रतिशत का उछाल आया है.
डीएलएफ का शुद्ध कर्ज जून तिमाही के अंत में 92 प्रतिशत घटकर 57 करोड़ रुपये
रियल्टी कंपनी डीएलएफ का शुद्ध कर्ज चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही के अंत में 92 प्रतिशत घटकर 57 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया. कंपनी ने बताया कि उसके बेहतर प्रदर्शन में मजबूत आवास बिक्री का विशेष योगदान रहा. डीएलएफ ने एक निवेशक प्रस्तुति में कहा कि 30 जून, 2023 को उसका शुद्ध कर्ज 57 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में 721 करोड़ रुपये था. समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का सकल कर्ज भी 3,840 करोड़ रुपये से घटकर 3,068 करोड़ रुपये रह गया. डीएलएफ समूह के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) विवेक आनंद ने निवेशकों को बताया कि हम अपने बही-खातों और नकदी सृजन को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं. मजबूत संग्रह के कारण समीक्षाधीन तिमाही के दौरान शुद्ध ऋण में कमी आई. ऐसे में हमारा शुद्ध ऋण अबतक के सबसे निचले स्तर 57 करोड़ रुपये पर आ गया है.
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 480.57 अंक की बढ़त के साथ बंद
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में रौनक लौटी. सुबह से ही बाजार की शुरूआत हरे निशान के साथ हुई थी. वहीं, शाम में बीएसई का सेंसेक्स 480.57 अंक की बढ़त के साथ 65,721.25 अंक पर बंद हुआ. जबकि, एनएसई का निफ्टी 135.35 अंक चढ़कर 19,517 अंक पर बंद हुआ.
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने साल के पहले तिमाही में की बंपर कमाई, 56 प्रतिशत बढ़ा मुनाफा
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने शुक्रवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 56.04 प्रतिशत बढ़कर 3,683.87 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी ने बताया कि उसके बेहतर तिमाही नतीजे में वाहन खंड के मजबूत प्रदर्शन का विशेष योगदान रहा. महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) ने शेयर बाजार को बताया कि कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2,360.70 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया था. जून 2023 तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 17.57 प्रतिशत बढ़कर 33,406.44 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले इसी अवधि में 28,412.38 करोड़ रुपये थी. समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का कुल खर्च 26,195.01 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 30,492.08 करोड़ रुपये हो गया.
कंप्यूटर, लैपटॉप आयातकों को लाइसेंस देने के लिए वस्तुनिष्ठ मानदंड बनाने चाहिए: जीटीआरआई
भारत सरकार के लैपटॉप और कंप्यूटर के आयात पर प्रतिबंध लगाने के बाद कारोबार थिंक टैंक जीटीआरआई ने शुक्रवार को कहा कि आयातकों को लाइसेंस देने के लिए सरकार को वस्तुनिष्ठ मानदंडों की घोषणा करनी चाहिए. जीटीआरआई ने कहा कि घरेलू मांग को पूरा करने के लिए ऐसा करना जरूरी है. सरकार ने तीन अगस्त को कहा था कि इन सामानों के आयात के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) से लाइसेंस/अनुमति लेनी होगी. ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि निजी कम्प्यूटर, लैपटॉप और टैबलेट हमें शिक्षा, व्यवसाय, मनोरंजन और बाकी सूचनाओं से जोड़ते हैं. सरकार को आपूर्ति में कमी और बाजार व्यवधान से बचने के लिए सभी कदम उठाने चाहिए. इसका एक तरीका वस्तुनिष्ठ मानदंड की घोषणा करना है, जो लाइसेंस देने का आधार बनेगा.
स्मार्टपोन प्रोसेसर बनाने वाली कंपनी, क्वालकॉम इंडिया ने सावी सोइन को अध्यक्ष नियुक्त किया
स्मार्टफोन प्रोसेसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी क्वालकॉम ने शुक्रवार को सावी सोइन को क्वालकॉम इंडिया का अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की. पिछले पांच वर्षों से क्वालकॉम इंडिया के अध्यक्ष राजेन वागड़िया अब सैन डिएगो स्थित क्वालकॉम मुख्यालय में स्थानांतरित होंगे और वैश्विक वितरण तथा वैश्विक कैरियर रणनीति के उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे. सोइन की नियुक्ति तत्काल प्रभावी होगी और वह सीधे क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी जिम कैथी को रिपोर्ट करेंगे. कंपनी ने एक बयान में कहा कि क्वालकॉम इंडिया के अध्यक्ष के रूप में वह भारत में मोबाइल, ऑटोमोटिव, सेमीकंडक्टर, औद्योगिक तथा आईओटी और संचार अवसंरचना क्षेत्रों में क्वालकॉम की रणनीति का नेतृत्व करेंगे.
आर्थिक स्थिरता के लिए बेहतर मानसून, पूंजीगत व्यय अच्छा संकेतः वित्त मंत्रालय रिपोर्ट
अच्छी मानसूनी बारिश, विनिर्माण क्षेत्र में सतत विस्तार और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों का बड़े पैमाने पर पूंजीगत व्यय करना चालू वित्त वर्ष में व्यापक आर्थिक स्थिरता और वृद्धि के लिए अच्छा संकेत है. वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में यह कहा. रिपोर्ट में यह भह कहा गया है कि विदेशों से आने वाले प्रभाव और प्रतिकूल वैश्विक घटनाक्रम चालू वित्त वर्ष में कभी भी संभावित उच्च वृद्धि-पथ की राह में बाधा बन सकते हैं. वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक सर्वेक्षण के जून संस्करण में कहा गया है कि हाल के वर्षों में पूंजीगत व्यय पर सरकार के जोर के साथ प्रमुख बुनियादी ढांचे में निवेश पर काफी बल दिया गया है. इससे निजी क्षेत्र भी रोजगार सृजन, आय, उत्पादकता, मांग और निर्यात के अनुकूल चक्र का हिस्सा बना है.
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