Valentine''s Day History: जानें क्यों वेलेंटाइन डे किया जाता है सेलिब्रेट ? छलक पड़ेंगी आंखें

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Feb 2020 11:51 AM

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History of Valentine’s Day 2020 : वेलेंटाइन डे वीक अब से चंद घंटों बाद शुरू होने जा रहा है जिसका प्रेमी जोड़े साल भर से इंतजार करते हैं. वेलेंटाइन वीक प्‍यार करने वालों के लिए जश्‍न से कम नहीं होता है. हर साल फरवरी के महीने की शुरुआत होते ही प्‍यार करने वालों के चेहरे […]

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History of Valentine’s Day 2020 : वेलेंटाइन डे वीक अब से चंद घंटों बाद शुरू होने जा रहा है जिसका प्रेमी जोड़े साल भर से इंतजार करते हैं. वेलेंटाइन वीक प्‍यार करने वालों के लिए जश्‍न से कम नहीं होता है. हर साल फरवरी के महीने की शुरुआत होते ही प्‍यार करने वालों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.

वेलेंटाइन डे 14 फरवरी के दिन मनाया जाता है, लेकिन इससे पहले आने वाला पूरा सप्ताह वेलेंटाइन वीक के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं लोग वेलेंटाइन डे क्यों मनातें हैं. आखिर क्यों प्यार के इस त्योहार को लोगों ने वैलेंटाइन डे का नाम दिया है. आइए हम आपको बताते हैं इससे जुड़ी खास बात…

‘ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन’ किताब में एक बात कर जिक्र है. इस किताब में मौजूद तथ्‍यों की मानें तो इस खास दिन को लोग रोम के एक संत वैलेंटाइन की याद में मनाते हैं. ऐसा माना जाता है कि संत वैलेंटाइन दुनियाभर में प्यार का संदेश बांटने काम करते थे. उस समय रोम के सम्राट रहे क्लाउडियस को संत वैलेंटाइन की यह बात बिल्कुल पसंद नहीं थी.

क्लाउडियस के मन में शंका थी कि रोम के लोग अपने परिवार और पत्नी के साथ मजबूत लगाव होने के कारण सेना में अपनी भूमिका नहीं निभा पा रहें या सेना में भर्ती होने से कतरा रहे हैं. बताया जाता है कि क्लाउडियस अपने किसी भी सैनिक को शादी नहीं करने देता था. सम्राट क्लाउडियस की इस सोच का संत वैलेंटाइन ने विरोध किया. यही नहीं उन्होंने एक जोड़े की शादी तक करवा दी. संत वैलेंटाइन के सत्ता विरोधी गतिविधियों के कारण राजा क्लाउडियस ने 14 फरवरी को उन्हें सूली पर लटका दिया.

वैलेंटाइन डे और फूल का ये है संबंध

कहा जाता है कि संत वैलेंटाइन जब जेल में थे तो लोग उन्हें प्यार से फूल और तरह-तरह के उपहार भेंट स्वरूप दिया करते थे. संत वैलेंटाइन ने मरने से पहले राजा के मुख्य जेलर को एक चिट्ठी लिखी. उन्होंने पत्र में लिखा कि मरने के बाद मेरी आंखें मेरी अंधी बेटी को दे दी जाए. संत वैलेंटाइन की मौत के बाद उन्हें याद करते हुए प्रत्येक वर्ष उनकी यह प्यार का दिन लोग मनाते हैं.

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