Janmashtami Speech/Essay : जन्माष्टमी पर निबंध/स्पीच यहां से करें तैयार, देखें अलग-अलग तरह के फॉर्मेट

Janmashtami Speech in hindi, Janmashtami Essay : जन्माष्टमी (Janmashtami) पर अगर आपको स्कूल में कोई निबंध लिखना हो या भरी क्लास में स्पीच बोलना हो तो इसकी तैयारी और जानकारी जरूरी है. आपको बता दें कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2020 (sri krishna janmashtami 2020) मनाया जाना है. इस साल यह अष्टमी तिथि 11 और 12 अगस्त को मनायी जायेगी. ऐसे में आप विभीन्न निबंध और स्पीच का फॉर्मेट यहां से देख सकते हैं..
Janmashtami Speech in hindi, Janmashtami Essay : जन्माष्टमी (Janmashtami) पर अगर आपको स्कूल में कोई निबंध लिखना हो या भरी क्लास में स्पीच बोलना हो तो इसकी तैयारी और जानकारी जरूरी है. आपको बता दें कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2020 (sri krishna janmashtami 2020) मनाया जाना है. इस साल यह अष्टमी तिथि 11 और 12 अगस्त को मनायी जायेगी. ऐसे में आप विभीन्न निबंध और स्पीच का फॉर्मेट यहां से देख सकते हैं..
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के अवसर पर जन्माष्टमी पर्व मनाया जाता है. दुनियाभर में इस पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. मुख्य रूप से यह पर्व भारत के उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है. विदेशों में बसे भारत के लोग भी इसे पूरी आस्था व उल्लास के साथ मनाते हैं. आपको बता दें कि श्रीकृष्ण के कई रूप हैं और वे युगों-युगों से हमारी आस्था का केंद्र रहे हैं. उन्हें लोग यशोदा मैया के लाल के रूप में तो ब्रज के नटखट कान्हा व अन्य रूप में भी जानते हैं.
हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण रोहिणी नक्षत्र में अष्टमी तिथि को पैदा हुए थे. यह रक्षा बंधन के बाद आता है.ज्योतिष गणना के मुताबिक इस दिन चंद्रमा वृष राशि और सूर्य सिंह राशि में पहुंचा था. ऐसी मान्यत है कि इस दिन श्री कृष्ण के श्रद्धा पूर्वक जन्मदिवस मनाने से खुशियां घर में वास करती है. इस दौरान देवालायों में श्रीकृष्ण के झूले को सजाया जाता है. भक्त भगवान के लिए मंगल गान गाते हैं तथा उन्हें उनका प्रिय भोग लगाते हैं. आपको बता दें कि बाल कृष्ण को माखन मिश्री बहुत पसंद है. यही कारण है कि प्रसाद के रूप में भी इसी को बांटा जाता है.
भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिवस पूरी दुनिया में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. यह पर्व रक्षाबंधन के बाद भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है. आपको बता दें कि बाल कृष्ण देवकी और वासुदेव के 8वें पुत्र थे. उनके मामा अर्थात मथुरा नगरी का राजा कंस बहुत अत्याचारी था. एसी मान्यता है कि उसी के अत्याचार को समाप्त करने के लिए देवकी पूत्र का जन्म हुआ. इससे पहले कंस ने देवकी के 7 संतानों का वध कर दिया था. कृष्ण भगवान विष्णु का रूप हैं. और उनकी परवरिश गोकुल में यशोदा माता और नंद बाबा के पास हुई. तभी से ही उनके जन्मदीवस की खुशी में प्रतिवर्ष जन्माष्टमी त्योहार मनाया जाता है.
Posted By : Sumit Kumar Verma
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