सावन की कांवड़ यात्रा को बनाएं सुरक्षित, फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

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कांवड़ यात्रा के दौरान पैरों को कैसे रखें सुरक्षित (PC: AI Image)

Sawan 2026 Safety Tips: सावन में कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं? बारिश और लंबे पैदल सफर के दौरान फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है. जानिए इससे बचने के आसान उपाय, पैरों की सही देखभाल और यात्रा के दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

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Sawan 2026 Safety Tips: सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। इस दौरान कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है और बारिश, पसीना व गीले जूते-चप्पल की वजह से पैरों में फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है. अगर समय रहते इसकी देखभाल न की जाए, तो खुजली, जलन, लालपन और बदबू जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. ऐसे में कुछ आसान सावधानियां अपनाकर आप यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बना सकते हैं.

सावन में ही क्यों निकाली जाती है कांवड़ यात्रा?

कांवड़ यात्रा भगवान शिव की सबसे प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है. इसमें श्रद्धालु पवित्र नदियों, खासकर गंगा से जल लेकर अपने नजदीकी शिव मंदिर या ज्योतिर्लिंग में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. यह यात्रा हर साल सावन के महीने में इसलिए निकाली जाती है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय माना जाता है. माना जाता है कि सावन में शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने और पूरे श्रद्धा भाव से कांवड़ यात्रा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. इसी वजह से हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं.

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एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल करें

अगर लंबे समय तक पैदल चलना है, तो पैरों पर डॉक्टर की सलाह से एंटीफंगल पाउडर लगा सकते हैं. इससे पैरों में नमी कम रहती है और फंगल इंफेक्शन का खतरा घट सकता है. अगर पैरों में पहले से कोई समस्या है, तो बिना सलाह के कोई दवा इस्तेमाल न करें.

पैरों को हमेशा साफ और सूखा रखें

बारिश या पसीने की वजह से पैर लंबे समय तक गीले रहते हैं, जिससे फंगस तेजी से बढ़ सकता है. इसलिए जब भी मौका मिले, पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं. गीले मोजे या जूते लंबे समय तक पहनने से बचें.

अपने साथ साफ तौलिया या सूती कपड़ा जरूर रखें

यात्रा के दौरान एक छोटा तौलिया या सूती कपड़ा साथ रखें. अगर पैर भीग जाएं, तो उन्हें तुरंत पोंछ लें. इससे पैरों में नमी कम रहेगी और संक्रमण का खतरा भी कम हो सकता है.

आरामदायक और हवा पास होने वाले जूते पहनें

बहुत टाइट या पूरी तरह बंद जूते पहनने से पैरों में पसीना ज्यादा आता है. ऐसे जूते या सैंडल चुनें, जिनमें हवा आसानी से आती-जाती रहे. इससे पैर लंबे समय तक सूखे और आरामदायक रहते हैं.

खुजली या जलन को नजरअंदाज न करें

अगर पैरों की उंगलियों के बीच खुजली, जलन, लालपन या सफेद परत दिखने लगे, तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज न करें. समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से संक्रमण बढ़ने से रोका जा सकता है और यात्रा भी बिना परेशानी के पूरी हो सकती है.

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मेघा रॉय

लेखक के बारे में

By मेघा रॉय

मेघा रॉय वर्तमान में प्रभात खबर में वीडियो कंटेंट और लाइफस्टाइल राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. इससे पहले वह राजस्थान पत्रिका में फीचर राइटर के रूप में कार्य कर चुकी हैं. उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में ग्रेजुएशन और मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की है. साथ ही, इंडिया न्यूज और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव भी हासिल किया है.उन्हें डिजिटल मीडिया, ट्रेंडिंग न्यूज, लाइफस्टाइल, हेल्थ, ज्योतिष, धर्म और सोशल ट्रेंड्स से जुड़े विषयों पर सरल और रोचक लेख लिखना पसंद है. उनका मानना है कि एक पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी पाठकों तक सही, सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है.

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