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Garuda Purana : मरने के बाद क्या है सच और क्या है झूठ बताता है गरुड़ पुराण

Updated at : 18 Mar 2025 7:48 PM (IST)
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Garud Puran

Garud Puran

Garuda Purana : गरुड़ पुराण के यह ग्रंथ न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि आत्मिक शांति और मुक्ति की प्राप्ति के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करता है.

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Garuda Purana : गरुड़ पुराण भारतीय धर्मग्रंथों में से एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो मृत्यु और आत्मा के विषय में गहरी जानकारी प्रदान करता है. इसमें मृत्यु के बाद की प्रक्रिया, कर्मों का फल और जीवन के उद्देश्य के बारे में महत्वपूर्ण उपदेश दिए गए हैं. गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जीवन और मृत्यु के बाद के अनुभवों को समझने के लिए हमें सही आचार-व्यवहार और पुण्य की राह पर चलना चाहिए. यह ग्रंथ न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि आत्मिक शांति और मुक्ति की प्राप्ति के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करता है:-

– “जीवन का उद्देश्य मोक्ष प्राप्ति है”

गरुड़ पुराण में कहा गया है कि मृत्यु के बाद आत्मा का उद्देश्य मोक्ष प्राप्त करना है, जिससे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है.

– “कर्मों का फल निश्चित है”

गरुड़ पुराण में यह सिखाया गया है कि हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का परिणाम निश्चित होता है, और यही परिणाम जीवन के बाद हमें भोगना पड़ता है..

– “मृत्यु के बाद आत्मा का शरीर छोड़ना होता है”

मृत्यु के समय शरीर को छोड़कर आत्मा एक नई दिशा में चली जाती है, यह विश्वास गरुड़ पुराण में बताया गया है.

– “पाप और पुण्य का लेखा-जोखा यमराज करते हैं”

हमारे कर्मों का हिसाब यमराज के पास होता है, जो मरने के बाद हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का निर्णय करते हैं.

– “पुण्य कमाने से सुख और पाप से दुख मिलता है”

गरुड़ पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति पुण्य कार्य करता है, उसे मृत्यु के बाद स्वर्ग की प्राप्ति होती है, जबकि पापी व्यक्ति को नरक का सामना करना पड़ता है.

– “संगति का प्रभाव मृत्यु के बाद भी रहता है”

यह भी कहा गया है कि हमारे साथियों और हमारे संपर्क का प्रभाव मृत्यु के बाद भी हमारे कर्मों और पुनर्जन्म पर पड़ता है.

– “मृत्यु के बाद आत्मा को यमलोक में भेजा जाता है”

मृत्यु के बाद आत्मा को यमराज के पास भेजा जाता है, जहा उसे उसके कर्मों का फल मिलता है.

– “अच्छे कर्मों से जीवन में शांति मिलती है”

गरुड़ पुराण यह भी बताता है कि अच्छे कर्मों से व्यक्ति को मृत्यु के बाद शांति और सुख मिलता है.

– “धार्मिक कार्यों से पुण्य प्राप्त होता है”

पवित्र कार्यों, जैसे पूजा, व्रत और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों से पुण्य प्राप्त होता है, जो मृत्यु के बाद आत्मा की स्थिति को सुधारता है.

– “संसार की माया से दूर रहकर साधना करनी चाहिए”

गरुड़ पुराण के अनुसार, जीवन की वास्तविकता को समझने के लिए माया से परे रहकर आत्मा की साधना करनी चाहिए, ताकि मुक्ति की प्राप्ति हो सके.

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Ashi Goyal

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By Ashi Goyal

Ashi Goyal is a contributor at Prabhat Khabar.

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