Chhath Puja 2023: छठ पूजा में क्यों खरीदी जाती है बांस से बनी सूप, जानिए इसका महत्व

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छठ महापर्व इस साल 17 नवंबर से शुरू हो रहा है. इस त्योहार में बांस से बनी सूप की खरीदारी की जाती है, सूप का इस महापर्व में खास महत्व है. आइए जानते हैं क्या है इसका महत्व.

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छठ महापर्व की शुरुआत कल से

Chhath Puja 2023: इस साल छठ महापर्व की शुरुआत 17 नवंबर से हो रही है. इस पर्व को पूरे बिहार सहित झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. नहाए खाए के साथ छठ पूजा की शुरुआत होती है. घर से लेकर बाजार तक छठ पूजा की तैयारियों में लोग जुटे हुए हैं. इस त्योहार में कई चीजों की खरीदारी की जाती है.

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छठ पूजा में सूप की खरीदारी

छठ पूजा में सूप की खरीदारी की जाती है. जिसके बाद छठ पर्व के दौरान महिलाएं बांस से बने सूप, टोकरी या देउरा में फल आदि रखकर छठ घाट पर ले जाती हैं और इन्ही के द्वारा सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है. मान्यता है कि बांस से बनी चीजों से पूजा करने से धन और संतान का सुख मिलता है.

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सुख में वृद्धि की कामना

मालूम हो कि धरती पर पाई जाने वाली इकलौती ऐसी घास है जो सबसे तेजी से बढ़ती है. जब भी कभी सुख में वृद्धि की कामना की जाती है तो कहा जाता है कि बांस की तरह दिन दोगुनी, रात चौगुनी बढ़ोतरी हो.

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बांस के सूप का महत्व

कहा जाता है कि बांस सिर्फ 8 हफ्तों में 60 फीट ऊंचे हो जाता है. कई बार तो एक दिन में ये घास एक मीटर तक बढ़ जाती है. इसी बांस की खपच्चियों से बनी सुपली से जब छठ व्रत का अनुष्ठान किया जाता है तो यह मान्यता होती है कि वंशबेल में इसी तरह की वृ़द्धि होती रहे और जैसे बांस तेजी से निर्बाध गति से बढ़ जाता है.

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बांस के सूप की डिमांड ज्यादा

आजकल पीतल से बने सूप का भी प्रयोग शुरू हो गया है लेकिन फिर भी छठ में बांस के सूप की डिमांड ज्यादा रहती है.

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बांस से बनी सूप

बांस से बनी सूप में छठ पूजा करना ही शुभ माना जात है. सूप खरीदते समय एक बार जरूर देखें कि सूप कहीं से टूटा हुआ तो नहीं है. अगर सूप टूटा हुआ है तो उसे नहीं लेना चाहिए.

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छठ पूजा का प्रसाद

छठ पूजा में कई प्रकार के प्रसाद चढ़ाया जाता है. जैसे गन्ना, ठेकुआ और फल. इस व्रत में साफ सफाई का खास ध्यान रखना होता है.

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छठ पूजा में किसकी पूजा की जाती है

छठ पूजा दिवाली के छह दिन बाद मनाई जाती है. आपको बता दें कि छठ में सूर्य देवता के साथ ही छठी मईया की पूजा की जाती है.

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छठ पूजा का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, छठ का व्रत करने से संतान की प्राप्ति होती है. छठ पूजा में व्रती महिलाओं को पानी में खड़ा होकर ही सूर्य को अर्घ्य देना होता है.

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नहाय खाय से शुरू हो रहा छठ पूजा

इस साल छठ व्रत की शुरुआत 17 नवंबर 2023 से हो रही है, जो सोमवार 20 नवंबर 2023 को खत्म होगा. छठ पूजा के पहले दिन नहाय खाय में चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद ग्रहण किया जाता है.

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