Kanpur IT Raid: गुजरात में पकड़े गए एक ट्रक से शुरू हुई पीयूष जैन की ट्रैकिंग, जानिए छापे की इनसाइड स्टोरी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 30 Dec 2021 6:31 AM
करीब तीन महीने पहले गुजरात में एक ट्रक पकड़ा गया था. यह ट्रक शिखर पान मसाला लेकर जा रहा था. जब ट्रक की तलाशी ली गई तो करीब 200 फेक इनवाइस बरामद हुई. यही एक घटना ने कानपुर में डीजीजीआई टीम को डेरा डालने के लिए मजबूर कर दिया.
Kanpur IT Raids News: कानपुर के इत्र व्यवसायी पीयूष जैन के ठिकानों पर पड़े छापों में अब तक 195 करोड़ रुपये कैश बरामद हुआ है. यह किसी भी प्रवर्तन एजेंसी के द्वारा जब्त की गई सबसे बड़ी रकम है. मिली जानकारी के मुताबिक, पीयूष जैन के कन्नौज स्थित घर से 19 करोड़ और 23 किलो सोना बरामद हुआ है. बरामद सोने की कीमत 10 करोड़ रुपये से ज्यादा बतायी जा रही है. इसके अलावा, चंदन का तेल भी बरामद किया गया है, जिसकी कीमत 6 करोड़ रुपये है.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पीयूष जैन की कंपनी की ट्रैकिंग दो महीने से हो रही थी. जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) की अहमदाबाद यूनिट ने 22 दिसंबर को सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान कानपुर में शिखर पान मसाला और तंबाकू उत्पाद की फैक्ट्री के साथ ही गणपति रोड कैरियर्स के ऑफिस और गोदाम में भी छापा मारा गया. इसके अलावा, ओडोकेम इंडस्ट्रीज के कानपुर और कन्नौज में स्थित ठिकानों पर भी टीम ने रेड डाली. यह कंपनी पीयूष जैन की है.
गणपति रोड कैरियर्स के चार ट्रकों की जांच में टीम ने पाया कि जीएसटी का पेमेंट नहीं किया गया है. ये ट्रक शिखर पाना मसाला और तंबाकू लेकर जाते थे. जांच में यह भी सामने आया कि जीएसटी बचाने के लिए उत्पादक ट्रांसपोर्टर की मदद से उत्पाद को गुपचुप तरीके से फैक्ट्री से निकलवाता था. ट्रांसपोर्टर इसके लिए फर्जी रसीद बनाता था.
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करीब 200 फर्जी रसीद टीम ने बरामद की है. शिखर पान मसाला ने DDGI के सामने फर्जी रसीद छापने की बात स्वीकार करते हुए तीन करोड़ 09 लाख रुपये की टैक्स देनदारी की. इसके अलावा, कानपुर में स्थित ओडोकेम इंडस्ट्रीज के ठिकानों पर भी टीम ने छापेमारी की, जहां 177.45 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिखर का गुजरात के अहमदाबाद में तानसेन ब्रांड का मसाला आता था. करीब तीन महीने पर डीजीजीआई की एक टीम ने कानपुर में कंपनी और इससे जुड़े फर्मों की निगरानी करना शुरू कर दिया था. जब सबूत इकट्ठा हो गए तो टीम ने छापेमारी की.
मिली जानकारी के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले गुजरात में एक ट्रक पकड़ा गया था. यह ट्रक शिखर पान मसाला लेकर जा रहा था. जब ट्रक की तलाशी ली गई तो करीब 200 फेक इनवाइस बरामद हुई. यही एक घटना ने कानपुर में डीजीजीआई टीम को डेरा डालने के लिए मजबूर कर दिया.
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मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पकड़ा गया ट्रक गणपति ट्रांसपोर्टर प्रवीण जैन का था, जो पीयूष जैन के भाई अमरीष का बहनोई है. प्रवीण के नाम करीब 20 से ज्यादा से फर्म हैं.
Posted BY: Achyut Kumar
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