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Air Pollution से खुद को बचाने के लिए अपनाएं ये आसान प्राकृतिक उपाय

Updated at : 06 Nov 2021 11:26 AM (IST)
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Air Pollution से खुद को बचाने के लिए अपनाएं ये आसान प्राकृतिक उपाय

Asian woman are going to work.she wears N95 mask.Prevent PM2.5 dust and smog

फेस्टिव सीजन के साथ ही वायु प्रदूषण का लेवल बढ़ गया है. और इसके साथ ही बढ़ गई है इसकी वजह से होने वाली बीमारियां. यदि आपको भी वायु प्रदूषण बीमार कर रहा है तो इन 5 प्राकृतिक उपचारों को आजमाएं

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वर्तमान समय में अधिक से अधिक लोग प्रदूषण से संबंधित बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, खांसी, सर्दी, छींकने जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हैं. इसलिए, आपको बढ़ते प्रदूषण से खुद को बचाने के लिए, हम 5 घरेलू उपचार बता रहे हैं जो आपके फेफड़ों को साफ करेंगे, आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देंगे और आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करेंगे.

हल्दी दूध : हल्दी में शक्तिशाली जीवाणुरोधी और एंटीवायरल गुण होते हैं जो संक्रमण से लड़ते हैं. नतीजतन, हल्दी को एक सुपरफूड माना जाता है जो फ्लू, बुखार, अस्थमा के संक्रमण से बचाव कर सकता है. हल्दी अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के संक्रमण के इलाज के लिए बहुत अच्छा है. बस, सोने से पहले एक गिलास गर्म हल्दी वाला दूध पिएं और इससे आपको गले की खराश और छाती के इंफेक्शन से तुरंत राहत मिलेगी.

सरसों का तेल : सरसों का तेल ज्यादातर किचन में इस्तेमाल के लिए जाना जाता है. सरसों के तेल में मौजूद पोषक तत्व शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं, हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और बालों के विकास को प्रोत्साहित करते हैं, इसमें कई यौगिक भी होते हैं, जिनमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुण होते हैं. सिर दर्द और सर्दी से राहत पाने के लिए सरसों के तेल और लहसुन के मिश्रण को पैरों और माथे पर थोड़ी सी मात्रा में मलकर इस्तेमाल किया जा सकता है. बंद नाक से तुरंत राहत पाने के लिए आप सोने से पहले इसे अपनी छाती पर भी लगा सकते हैं.

घी : अपने आहार में एक चम्मच गर्म घी शामिल करें. ऐसा दावा किया जाता है कि घी, मक्खन हवा में सीसा और पारा सहित प्रदूषकों के दुष्प्रभावों को कम कर सकता है. आप बस थोड़े से गर्म घी से अपने नथुने और पैरों की मालिश भी कर सकते हैं.

तुलसी की चाय : चूंकि तुलसी एक एंटी-हिस्टामाइन और एंटी-ऑक्सीडेंट भी है, यह डिकॉन्गेस्टिंग के लिए प्रभावी है और उन जीवों से भी लड़ती है जो श्वसन प्रणाली के लिए हानिकारक हैं.

बनाने की विधि: एक बर्तन में सवा कप पानी के साथ 5-6 तुलसी के पत्ते डालें. उबाल आने दें. फिर 15 मिनट के लिए आंच धीमी कर दें और इसे उबलने दें. एक कप में छान कर पी लें. आप इसमें शहद और गुड़ भी मिला सकते हैं.

बीटा कैरोटीन : प्रदूषित हवा के लंबे समय तक संपर्क में रहने से सिरदर्द और भरी हुई छाती की परेशानी हो सकती है. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो हमारे पास आपके लिए एक उपाय है. आप अपने भोजन में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जो बीटा कैरोटीन से भरपूर हों जैसे, शकरकंद, गाजर, गहरे रंग के पत्तेदार साग, बटरनट स्क्वैश, केंटालूप, लेट्यूस, लाल बेल मिर्च, खुबानी, ब्रोकोली और मटर. ये आपकी इंम्यूनिटी को बढ़ाएंगे और सभी संक्रमणों को दूर रखेंगे.

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